तमिलनाडु सरकार ने आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब लोग 108 एम्बुलेंस को बुक करने के लिए टोल-फ्री नंबर पर फोन करने की जगह व्हाट्सएप (WhatsApp) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस सेवा की शुरुआत हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम द्वारा की गई, जिसका मकसद इमरजेंसी में कॉल सेंटर पर लाइन व्यस्त होने या नेटवर्क की समस्या से राहत दिलाना है।
इस नई सुविधा के तहत किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को बस इतना करना है कि वह व्हाट्सएप नंबर 9445030725 पर “Hi” या “नमस्ते” का मैसेज भेजे। इसके बाद एक स्वचालित चैटबॉट (chatbot) उपयोगकर्ता से जरूरी जानकारी मांगेगा और एम्बुलेंस बुक करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। यह सुविधा न सिर्फ शहरी इलाकों में बल्कि उन दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में भी वरदान साबित होगी, जहां मोबाइल नेटवर्क तो कमजोर है, लेकिन इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है।

कैसे काम करेगा व्हाट्सएप एम्बुलेंस बुकिंग सिस्टम? (How to Book 108 Ambulance via WhatsApp)
तकनीक के इस दौर में सरकारी सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना एक बड़ी जरूरत बन गई है। तमिलनाडु सरकार ने इसी कड़ी में यह कदम उठाया है। आइए जानते हैं कि यह नई व्यवस्था कैसे काम करेगी:
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मैसेज भेजें: सबसे पहले अपने मोबाइल के व्हाट्सएप में 9445030725 नंबर सेव कर लें या सीधे इस नंबर पर चैट शुरू करें। इस नंबर पर आपको बस “Hi” या “नमस्ते” लिखकर भेजना है।
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चैटबॉट से बातचीत: आपके मैसेज का जवाब तुरंत एक ऑटोमेटेड चैटबॉट की तरफ से आएगा। यह बॉट आपसे कुछ बुनियादी सवाल पूछेगा, जैसे कि आपका नाम, मरीज की उम्र, और इमरजेंसी की प्रकृति (जैसे सड़क दुर्घटना, प्रसव पीड़ा, या दिल का दौरा)।
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लोकेशन शेयर करें: यह इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा है। बातचीत के दौरान आपको अपनी लाइव लोकेशन (live location) शेयर करने के लिए कहा जाएगा। व्हाट्सएप पर लोकेशन शेयर करने से एम्बुलेंस ड्राइवर को बिना भटके सीधे मरीज तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
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कन्फर्मेशन कॉल: मैसेज से बुकिंग पूरी होने के तुरंत बाद 108 कॉल सेंटर की तरफ से आपको एक कन्फर्मेशन कॉल (confirmation call) जाएगी। इसमें आपकी बुकिंग की पुष्टि की जाएगी और एम्बुलेंस के आने का अनुमानित समय बताया जाएगा।
यह पूरी प्रक्रिया न सिर्फ तेज है बल्कि इसमें कॉल पर वेटिंग का झंझट भी नहीं है। मध्य प्रदेश में पहले से चल रही ऐसी ही सेवा के अनुसार, चैटबॉट के जरिए बातचीत सेकंडों में हो जाती है और एम्बुलेंस तुरंत रवाना कर दी जाती है।
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क्यों जरूरी है यह पहल? (Why WhatsApp Booking Matters)
भारत में 108 एम्बुलेंस सेवा आपात स्थिति में जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि एक साथ हजारों कॉल आने से कॉल सेंटर की लाइनें व्यस्त हो जाती हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो अकेले तमिलनाडु में 108 एम्बुलेंस के इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर पर रोजाना करीब 13,000 कॉल आती हैं, जिनमें से 5,000 से ज्यादा मामलों में एम्बुलेंस भेजी जाती है।
इतनी अधिक कॉल लोड के कारण कई बार जरूरतमंदों को फोन लगाने में परेशानी होती थी। इसके अलावा, मरीज के परिजन यह जानने के लिए बार-बार फोन करते थे कि एम्बुलेंस कहां पहुंची। इससे लाइनें और जाम हो जाती थीं। व्हाट्सएप बुकिंग से ये दोनों समस्याएं खत्म हो जाएंगी। लोग बिना फोन किए आसानी से बुकिंग कर सकेंगे और उसके बाद एम्बुलेंस ट्रैकिंग (ambulance tracking) की सुविधा से उन्हें पता चलता रहेगा कि वाहन कहां है।
कितनी तेजी से पहुंचती है 108 एम्बुलेंस? (108 Ambulance Response Time)
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु में 108 एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम काफी बेहतर है। अलग-अलग इलाकों में यह समय अलग-अलग है:
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महानगरीय क्षेत्रों (Metropolitan Areas): 6 मिनट 59 सेकंड
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शहरी क्षेत्रों (Urban Areas): 9 मिनट 40 सेकंड
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ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas): 11 मिनट 31 सेकंड
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पहाड़ी क्षेत्रों (Hilly Areas): 13 मिनट 18 सेकंड
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सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) में: 9 मिनट 58 सेकंड [स्रोत: दी गई इनफॉरमेशन के आधार पर]









