New Aadhaar Card Design 2026: फोटो और QR कोड वाला आधार हुआ लॉन्च?

Aadhaar Card New Design 2026: अगर आपने कभी सोचा है कि आपके आधार कार्ड पर छपी निजी जानकारी कहीं किसी गलत हाथों में पड़कर आपके लिए परेशानी का सबब न बन जाए, तो आप अकेले नहीं हैं। बढ़ते साइबर फ्रॉड और पहचान चोरी के मामलों के बीच, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI अब आधार कार्ड के डिजाइन में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। यह बदलाव सिर्फ कार्ड के रंग-रूप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद आपकी प्राइवेसी को बचाना और धोखाधड़ी की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाना है। सूत्रों से मिली जानकारी और हालिया सरकारी बयानों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आने वाले दिनों में आधार कार्ड का जो नया स्वरूप हम देखेंगे, वह मौजूदा कार्ड से बिल्कुल अलग होगा।
फोटो और QR कोड वाला आधार कार्ड हुआ लॉन्च
फोटो और QR कोड वाला आधार हुआ लॉन्च

नए डिजाइन में सिर्फ फोटो और क्यूआर कोड रहेंगे मौजूद

नए प्रस्तावित डिजाइन के मुताबिक, अब आधार कार्ड के सामने की तरफ केवल दो चीजें होंगी: कार्डधारक की फोटो और एक सिक्योर क्यूआर कोड। जी हां, वह सारी लिखावट जिसमें आपका नाम, जन्मतिथि, पता और बारह अंकों का आधार नंबर साफ-साफ दिखाई देता है, वह अब कार्ड पर नहीं होगा। यह जानकारी अब सीधे तौर पर दिखने की बजाय उस क्यूआर कोड के अंदर सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्ट करके रखी जाएगी। कार्ड पर मौजूद फोटो मुख्य विजुअल पहचान का काम करेगी, जिससे किसी भी व्यक्ति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकेगा कि कार्ड उसी का है, लेकिन बाकी की डिटेल पढ़ने के लिए अधिकृत डिजिटल डिवाइस की जरूरत होगी।
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क्यों उठाया जा रहा है यह अहम कदम?

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह आधार से जुड़े अपराधों पर रोक लगाना है। पिछले कुछ सालों में सिम कार्ड बदलकर फ्रॉड करने, किसी और के नाम पर लोन निकलवाने और एईपीएस यानी आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम से पैसे निकालने की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हुआ है। अक्सर ऐसा तब होता है जब हम अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी या फोटो किसी होटल, दुकान या छोटी एजेंसी में जमा करवा देते हैं। ये फोटोकॉपियां गलत हाथों में पड़कर धोखाधड़ी का जरिया बन जाती हैं। नए डिजाइन में चूंकि कार्ड पर कोई जानकारी छपी ही नहीं होगी, तो उसकी फोटोकॉपी करना या दिखाना बेमानी हो जाएगा। यूआईडीएआई का मानना है कि अगर लोग कार्बन कॉपी या प्लेन पेपर कॉपी जमा ही नहीं करेंगे, तो उसके दुरुपयोग का खतरा अपने आप खत्म हो जाएगा।

ऐसे काम करेगा नया वेरिफिकेशन सिस्टम

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब कार्ड पर कुछ लिखा ही नहीं होगा, तो बैंक, होटल या एजेंसी वाले हमारी पहचान कैसे सत्यापित करेंगे? इसकी पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी। जब भी कहीं वेरिफिकेशन करवाना होगा, तो संबंधित संस्था को UIDAI के आधिकारिक एप से लैस एक डिवाइस से आपके कार्ड पर बने क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। स्कैन करते ही उस डिवाइस पर आपकी वही जानकारी दिख जाएगी जो वेरिफिकेशन के लिए जरूरी है। सबसे खास बात यह है कि यह प्रक्रिया ऑफलाइन भी काम करेगी। इसका मतलब है कि वेरिफिकेशन के लिए हर बार यूआईडीएआई के केंद्रीय सर्वर से जुड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे इंटरनेट न होने पर भी काम हो सकेगा और डेटा लीक होने का खतरा भी कम रहेगा।

नए आधार एप ने बदल दिया पूरा गेम

इस डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की रीढ़ है नया आधार एप, जिसे हाल ही में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लॉन्च किया है। यह एप सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि एक तरह से आपके डिजिटल आइडेंटिटी का सेफ रक्षक है। इस एप की सबसे बड़ी खासियत है “सिलेक्टिव क्रेडेंशियल शेयरिंग”। मान लीजिए आपको सिर्फ यह साबित करना है कि आप 18 साल से ऊपर हैं, तो इस एप की मदद से आप एक कस्टमाइज्ड क्यूआर कोड जेनरेट कर सकते हैं, जिसमें सिर्फ यही जानकारी होगी कि आप वयस्क हैं। इसे स्कैन करने पर आपका नाम या पता सामने नहीं आएगा। यानी अब आप पूरी तरह से नियंत्रित कर सकते हैं कि कौन सी जानकारी किसके साथ साझा करनी है।

एप में मिलेंगे कई और भी शानदार फीचर

इस नए एप को पूरे परिवार को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें “वन फैमिली-वन एप” का कॉन्सेप्ट दिया गया है, यानी एक ही मोबाइल में आप पांच लोगों के आधार प्रोफाइल को मैनेज कर सकते हैं। इसके अलावा, एप में बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक का फीचर भी है। अब आप जब चाहे, अपने फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन को एक क्लिक से लॉक कर सकते हैं। जब ये लॉक होंगे, तो कोई भी संस्था आपकी अनुमति के बिना आपके बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी। साथ ही, एप में ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री भी देखी जा सकती है, जिससे पता चल सकेगा कि आपके आधार का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ है। अगर कोई अनधिकृत गतिविधि दिखती है, तो तुरंत अलर्ट हो सकते हैं।

क्या पुराने कार्ड हो जाएंगे बेकार?

फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह समझा जा रहा है कि पुराने आधार कार्ड तुरंत बंद नहीं होंगे। यह एक क्रमिक बदलाव होगा। UIDAI ने इस नए डिजाइन को लागू करने की कोई तारीख भी नहीं बताई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव साल 2026 के अंत तक या 2027 की शुरुआत में देखने को मिल सकता है। हो सकता है कि नए आधार कार्ड बनवाने वालों को यह नया डिजाइन वाला कार्ड दिया जाए या फिर पुराने कार्डधारकों को अपने कार्ड को अपग्रेड करने का विकल्प दिया जाए।

आखिर में क्या कहना?

यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। यह न सिर्फ आम आदमी की प्राइवेसी को सुरक्षित करेगा, बल्कि बढ़ते साइबर अपराधों पर भी अंकुश लगाएगा। नए डिजाइन और नए एप के साथ, आधार अब सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं रह जाएगा, बल्कि एक स्मार्ट और सुरक्षित डिजिटल टूल बन जाएगा, जो आपके हाथों में ही आपकी निजी जानकारी की कमान सौंप देगा। अब सिर्फ इस नई व्यवस्था के धरातल पर उतरने का इंतजार है, ताकि हम इस तकनीक का लाभ उठा सकें और अपनी पहचान को और भी सुरक्षित बना सकें।

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