निःशुल्क कोचिंग योजना: 8 लाख तक पारिवारिक आय वाले छात्रों को भी मिलेगी UPSC की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, आवेदन 24 दिसंबर तक

UPSC FREE COACHING: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के दिव्यांग मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी और सराहनीय पहल की है। समाज कल्याण विभाग ने ‘मुख्यमंत्री दिव्यांग मेधावी छात्र सिविल सेवा कोचिंग योजना’ के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस निःशुल्क कोचिंग योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब वे दिव्यांग छात्र भी इसका फायदा उठा सकेंगे, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है। पहले यह सीमा मात्र 2 लाख रुपये थी, जिसके चलते कई योग्य छात्र इस सिविल सेवा परीक्षा कोचिंग का लाभ नहीं ले पा रहे थे। यह फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लिया गया है।

योजना का उद्देश्य: दिव्यांग प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाना

यह योजना विशेष रूप से दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए बनाई गई है ताकि वे देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें। राज्य सरकार का मानना है कि शारीरिक चुनौतियां मेधा और दृढ़ संकल्प के आगे बाधा नहीं बन सकतीं। इस मुफ्त कोचिंग योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक दिव्यांग युवा प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचे और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। यह योजना वास्तव में समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।
निःशुल्क कोचिंग योजना 2025
निःशुल्क कोचिंग योजना 2025

पात्रता मापदंड: कौन कर सकता है आवेदन?

इस फ्री UPSC कोचिंग के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को कुछ मापदंडों पर खरा उतरना होगा:
  1. आवेदक उत्तराखंड राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
  2. छात्र स्नातक (ग्रेजुएशन) के तृतीय वर्ष में होना चाहिए। यानी जो छात्र अगले वर्ष स्नातक होने वाले हैं और UPSC परीक्षा देने के योग्य हो जाएंगे।
  3. आवेदक की दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक प्रमाणित होनी चाहिए।
  4. आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा।
  5. छात्र के पास ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने के लिए बुनियादी तकनीकी सुविधा (स्मार्टफोन/कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन) होना चाहिए।
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आवेदन प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन?

इस दिव्यांग छात्र योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है:
  • आवेदन की अंतिम तिथि 24 दिसंबर है।
  • आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट https://socialwelfare.uk.gov.in से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।
  • भरे हुए आवेदन पत्र और सभी जरूरी दस्तावेजों की छायाप्रति हल्द्वानी स्थित समाज कल्याण निदेशालय में भेजी जा सकती है।
  • वैकल्पिक रूप से, आवेदक गूगल फॉर्म के लिंक के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। (लिंक आधिकारिक विज्ञप्ति या वेबसाइट पर उपलब्ध होगा)।
  • आवेदन के साथ निवास प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र (40% या अधिक), आय प्रमाणपत्र, शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज और एक पासपोर्ट साइज फोटो अटैच करना जरूरी है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

पहले जहां पारिवारिक आय की सीमा 2 लाख रुपये थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है। समाज कल्याण निदेशक डॉ. संदीप तिवारी के अनुसार, पुरानी सीमा से दिव्यांग छात्रों के अवसर सीमित हो रहे थे और अधिकांश मेधावी छात्र इस निःशुल्क कोचिंग के दायरे से बाहर हो जाते थे। नई आय सीमा लागू होने के बाद राज्य के हजारों गरीब और मध्यम वर्गीय दिव्यांग परिवारों के बच्चे इस UPSC फ्री कोचिंग का लाभ उठा सकेंगे। यह कदम शिक्षा में समानता को बढ़ावा देने वाला है।

कैसे होगी तैयारी? कोचिंग का स्वरूप

इस ऑनलाइन कोचिंग योजना के तहत चयनित मेधावी छात्रों को प्रतिष्ठित और अनुभवी कोचिंग संस्थानों के माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। सभी कक्षाएं ऑनलाइन मोड में संचालित होंगी, जिससे राज्य के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले दिव्यांग छात्रों को भी बिना किसी परेशानी के बेहतरीन शिक्षा मिल सकेगी। कक्षाओं का प्रस्तावित शुरुआती समय जनवरी 2026 रखा गया है। कोचिंग में प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू की समग्र तैयारी पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट और विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

दिव्यांग छात्रों के लिए अन्य सहायता

उत्तराखंड सरकार दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। इस मुफ्त कोचिंग योजना के अलावा, छात्रवृत्ति, मेडिकल उपकरण सहायता, रोजगार प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी हैं। हालांकि, सिविल सेवाओं जैसे कठिन परीक्षा के लिए विशेष कोचिंग की यह पहल अलग है। देश भर में कई राज्य सरकारें SC, ST और OBC वर्ग के लिए मुफ्त कोचिंग की योजनाएं चलाती हैं, लेकिन विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों के लिए UPSC कोचिंग की योजना उत्तराखंड की एक अनूठी पहल है। इससे पूरे देश में एक नई मिसाल कायम हो सकती है।

निष्कर्ष: एक समावेशी भविष्य की ओर कदम

उत्तराखंड सरकार की यह योजना न केवल दिव्यांग छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध करा रही है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही है कि प्रतिभा किसी भी शारीरिक सीमा से परे होती है। आय सीमा में विस्तार करके सरकार ने वास्तव में इस सिविल सेवा कोचिंग योजना को ज्यादा संवेदनशील और समावेशी बनाया है। अगर आप या आपका कोई परिचित इस योजना की पात्रता को पूरा करता है, तो 24 दिसंबर से पहले आवेदन अवश्य करें। यह UPSC की तैयारी के लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है। एक बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था तभी बन सकती है, जब हर वर्ग और हिस्से की प्रतिभा उसमें शामिल हो। उत्तराखंड की यह मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

उत्तराखंड दिव्यांग मेधावी छात्र सिविल सेवा निःशुल्क कोचिंग योजना: सवाल-जवाब

यहां उत्तराखंड सरकार की “मुख्यमंत्री दिव्यांग मेधावी छात्र सिविल सेवा कोचिंग योजना” से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों और उनके जवाब दिए गए हैं, जो आवेदकों की सभी शंकाओं को दूर करेंगे।

आवेदन और पात्रता से जुड़े सवाल (Application & Eligibility)

1. इस निःशुल्क कोचिंग योजना के लिए आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
  • जवाब: आवेदन की अंतिम तिथि 24 दिसंबर है। इस तारीख के बाद आए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
2. क्या पारिवारिक आय की सीमा वास्तव में बढ़कर 8 लाख रुपये सालाना हो गई है?
  • जवाब: हां, बिल्कुल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस फ्री UPSC कोचिंग योजना के लिए पारिवारिक वार्षिक आय की सीमा को पहले के 2 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 8 लाख रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव नवंबर 2024 में किया गया था।
3. क्या स्नातक द्वितीय वर्ष (सेकंड ईयर) का छात्र भी आवेदन कर सकता है?
  • जवाब: नहीं। इस सिविल सेवा परीक्षा कोचिंग के लिए एक मुख्य पात्रता यह है कि आवेदक स्नातक के तृतीय वर्ष (थर्ड ईयर/फाइनल ईयर) का छात्र होना चाहिए। यानी जो छात्र अगले साल ग्रेजुएशन पूरा करने वाला है और UPSC परीक्षा देने के योग्य हो जाएगा।
4. दिव्यांगता प्रमाणपत्र कहां से बनवाना होगा और कौन-सा मान्य होगा?
  • जवाब: दिव्यांगता का प्रमाणपत्र संबंधित जिले के सक्षम चिकित्सा अधिकारी (सिविल सर्जन या अधिकृत मेडिकल बोर्ड) द्वारा जारी किया गया वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) होना चाहिए। इसमें दिव्यांगता का प्रतिशत 40% या उससे अधिक दर्शाया गया होना जरूरी है।
5. क्या आवेदक का उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना जरूरी है?
  • जवाब: हां, यह एक अनिवार्य शर्त है। आवेदक के पास उत्तराखंड राज्य का मूल निवासी प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) होना चाहिए। दूसरे राज्य के छात्र इस दिव्यांग छात्र योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

कोचिंग और चयन प्रक्रिया से जुड़े सवाल (Coaching & Selection)

6. यह ऑनलाइन कोचिंग कैसे संचालित की जाएगी? क्या स्टडी मटेरियल भी मिलेगा?
  • जवाब: इस ऑनलाइन कोचिंग योजना के तहत चयनित छात्रों को सरकार द्वारा चुने गए प्रतिष्ठित और अनुभवी कोचिंग संस्थानों के पोर्टल के माध्यम से लाइव और रिकॉर्डेड क्लासेज प्रदान की जाएंगी। आमतौर पर ऐसी योजनाओं में डिजिटल स्टडी मटेरियल, नोट्स, टेस्ट सीरीज और करंट अफेयर्स अपडेट भी दिए जाते हैं। सटीक जानकारी चयन के बाद दी जाएगी।
7. चयन प्रक्रिया क्या होगी? क्या कोई प्रवेश परीक्षा होगी?
  • जवाब: आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, चयन मुख्य रूप से मेधा (योग्यता) के आधार पर होगा। यह स्नातक स्तर के अंकों और संभवतः एक स्क्रीनिंग के आधार पर किया जा सकता है। अभी तक कोई प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की जानकारी नहीं दी गई है। अंतिम चयन प्रक्रिया समाज कल्याण विभाग द्वारा तय की जाएगी।
8. कक्षाएं कब से शुरू होंगी? और क्या यह कोचिंग पूरी तरह निःशुल्क है?
  • जवाब: कक्षाओं का प्रस्तावित शुरुआती समय जनवरी 2026 है। हां, यह कोचिंग चयनित छात्रों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क है। छात्रों को कोर्स फीस के लिए कुछ भी भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, इंटरनेट डेटा चार्ज आदि का खर्च छात्र स्वयं वहन करेंगे।
9. क्या यह कोचिंग केवल प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) के लिए है या मुख्य (Mains) और साक्षात्कार (Interview) की भी तैयारी कराई जाएगी?
  • जवाब: ऐसी प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाली योजनाओं का उद्देश्य आमतौर पर संपूर्ण मार्गदर्शन देना होता है। इसलिए यह उम्मीद की जाती है कि इस मुफ्त कोचिंग योजना में यूपीएससी प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू— तीनों चरणों की तैयारी पर ध्यान दिया जाएगा। विषयवार विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा निरंतर मार्गदर्शन दिया जाएगा।

तकनीकी और सहायता से जुड़े सवाल (Technical & Support)

10. ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने के लिए क्या तकनीकी सुविधा जरूरी है?
  • जवाब: हां, चूंकि यह एक ऑनलाइन कोचिंग योजना है, इसलिए छात्र के पास एक स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर होना चाहिए। साथ ही एक स्थिर इंटरनेट कनेक्शन भी अनिवार्य है ताकि लाइव कक्षाओं और स्टडी मटेरियल को बिना रुकावट के एक्सेस किया जा सके।
11. आवेदन भरने में कोई दिक्कत आए तो कहां संपर्क करें?
  • जवाब: आवेदन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रश्न या समस्या के लिए आप निम्न पते पर संपर्क कर सकते हैं:
    • कार्यालय: समाज कल्याण निदेशालय, हल्द्वानी, उत्तराखंड।
    • वेबसाइट: आधिकारिक जानकारी के लिए समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड की वेबसाइट https://socialwelfare.uk.gov.in पर विजिट करें। संभवतः वहां संपर्क नंबर या ईमेल आईडी भी उपलब्ध होंगे।
12. क्या आवेदन पत्र भरने के लिए कोई आवेदन शुल्क है?
  • जवाब: नहीं, इस यूपीएससी फ्री कोचिंग के लिए आवेदन पत्र भरना पूरी तरह निःशुल्क है। आधिकारिक वेबसाइट से फॉर्म मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है और किसी भी तरह का फीस देने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी तरह की फीस मांगने वालों से सावधान रहें।

नोट: उपरोक्त जानकारी उपलब्ध विज्ञप्ति और सामान्य योजना प्रारूप के आधार पर दी गई है। किसी भी अपडेट या बदलाव के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://socialwelfare.uk.gov.in पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें और आवेदन से पहले अंतिम दिशा-निर्देश अवश्य पढ़ें।
इस निःशुल्क कोचिंग योजना का लाभ उठाकर उत्तराखंड के दिव्यांग मेधावी छात्र अपने सिविल सेवा के सपनों को पंख लगा सकते हैं। समय रहते सभी दस्तावेजों को तैयार करके 24 दिसंबर से पहले अपना आवेदन जरूर पूरा कर लें।

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