
उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिकों को उनकी बेटियों के विवाह के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों की शादी पर अब 65,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। यह योजना विशेष रूप से उन श्रमिक परिवारों के लिए डिजाइन की गई है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंध रखते हैं।
योजना का संचालन और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1. यह अनुदान कौन-सा विभाग जारी करता है?
इस योजना का संचालन और अनुदान का वितरण उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह बोर्ड राज्य के निर्माण श्रमिकों के कल्याण और हितों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाता है। 13 अक्टूबर को जारी शासनादेश के माध्यम से उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना में संशोधन किया गया है और अनुदान राशि बढ़ाई गई है।
2. उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना कब शुरू हुई?
उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए की गई थी। यह योजना लंबे समय से चल रही है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक वर्ग को उनकी बेटियों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार में आर्थिक बोझ से राहत देना है। समय-समय पर सरकारें इसकी राशि और पात्रता में बदलाव करती रही हैं। हालिया संशोधन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा बोर्ड के माध्यम से किया गया है, जिसमें राशि को बढ़ाया गया है और प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
योजना का विस्तृत विवरण और लाभार्थी
3. इस अनुदान के तहत अब तक कितने लोगों को इसका लाभ मिला हुआ है?
योजना के आंकड़ों पर गौर करें तो, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत लाखों श्रमिकों में से एक बड़ी संख्या को उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना का लाभ मिल चुका है। हालांकि, पिछले डेढ़ वर्षों में योजना के नियमों और राशि पर पुनर्विचार चल रहा था, जिसके कारण नए आवेदनों पर कुछ रुकावट आई थी। अब नई अधिसूचना के बाद, यह प्रक्रिया फिर से तेज होने की उम्मीद है और हजारों और परिवारों को बढ़ी हुई राशि का लाभ मिल सकेगा। सटीक संख्या बोर्ड के पास उपलब्ध आंकड़ों पर निर्भर करती है, जो समय-समय पर जारी की जाती है।
लड़की की शादी में पैसा कितना मिलता है? योजना की वित्तीय राशि
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है जो हर श्रमिक के मन में होता है। नई घोषणा के अनुसार उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना के तहत:
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सामान्य विवाह: अब एक पंजीकृत श्रमिक को उसकी बेटी की शादी के लिए 65,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि पहले 55,000 रुपये थी।
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अंतर्जातीय विवाह: यदि श्रमिक की बेटी का अंतर्जातीय विवाह (दो अलग-अलग जातियों के बीच विवाह) होता है, तो प्रोत्साहन स्वरूप 75,000 रुपये की राशि दी जाएगी। यह राशि पहले 61,000 रुपये थी।
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सामूहिक विवाह: अगर शादी किसी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में होती है, तो लाभार्थी को 85,000 रुपये नकद और विवाह आयोजन व उपहार के लिए अतिरिक्त 15,000 रुपये मिलेंगे। इस तरह सामूहिक विवाह में कुल 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये) का लाभ मिल सकता है।

योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
4. उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना का लाभ कैसे मिल सकता है और इसकी क्या criteria है?
उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना का लाभ लेने के लिए कुछ मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:
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पंजीकरण: लाभार्थी श्रमिक कम से कम 365 दिन (एक वर्ष) या उससे अधिक समय से बोर्ड में पंजीकृत होना चाहिए।
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कन्याओं की संख्या सीमा: एक श्रमिक केवल दो कन्याओं के विवाह पर ही इस अनुदान का लाभ उठा सकता है।
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विशेष प्रावधान: यह योजना केवल कुंवारी कन्याओं तक ही सीमित नहीं है। तलाकशुदा या विधवा महिलाएं भी यदि पुनर्विवाह करती हैं, तो वे भी इस योजना की हकदार हैं।
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आवेदन की समय सीमा: विवाह होने के बाद अब लाभार्थी को छह महीने के भीतर आवेदन करना होगा। पहले यह समय सीमा केवल तीन महीने थी, जिसे बढ़ाकर श्रमिकों को अधिक सुविधा दी गई है।
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सामूहिक विवाह: यदि श्रमिक अपनी बेटी का विवाह किसी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में करता है, तो इसके लिए अलग से प्रावधान है। ऐसे कार्यक्रम में कम से कम 11 जोड़ों का विवाह होना चाहिए। सामूहिक विवाह में भाग लेने वाले पात्र श्रमिक, विवाह कार्यक्रम से 15 दिन पहले आवेदन कर सकते हैं।
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5. उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना का आवेदन कैसे करें? रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना में आवेदन करने के लिए दो सबसे जरूरी चीजें हैं: पहला, श्रमिक का बोर्ड में पंजीकृत होना, और दूसरा, विवाह के बाद सही समय पर आवेदन फॉर्म जमा करना।
चरण 1: श्रमिक पंजीकरण (यह पहली और जरूरी शर्त है)
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सबसे पहले, श्रमिक को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपना पंजीकरण कराना होगा।
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पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, श्रमिक होने का प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो आदि) जमा करने होंगे।
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पंजीकरण की प्रक्रिया ऑफलाइन बोर्ड के कार्यालय में या फिर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा सकती है।
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पंजीकरण के बाद प्राप्त पंजीकरण संख्या/पहचान पत्र ही भविष्य में सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार होगा।
चरण 2: कन्या विवाह सहायता के लिए आवेदन (विवाह के बाद)
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एक बार पंजीकरण हो जाने और बेटी का विवाह हो जाने के बाद, श्रमिक को विवाह की तारीख से छह महीने के भीतर आवेदन करना होगा।
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कन्या विवाह योजना फॉर्म कैसे भरें: आवेदन फॉर्म बोर्ड के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है या फिर उसके ऑनलाइन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।
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फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियाँ जैसे श्रमिक का नाम, पंजीकरण संख्या, बैंक खाता विवरण, कन्या का नाम, विवाह की तारीख, पति का नाम आदि सही-सही भरनी होगी।
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आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रतिलिपि संलग्न करना अनिवार्य है:
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श्रमिक पंजीकरण पत्र/कार्ड
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आधार कार्ड (श्रमिक और कन्या दोनों का)
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बैंक खाता पासबुक
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विवाह का प्रमाण पत्र (मैरिज सर्टिफिकेट)
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विवाह का फोटोग्राफ
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आय प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
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पूरा आवेदन पत्र संलग्न दस्तावेजों के साथ बोर्ड के संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा।
विशेष प्रोत्साहन: अंतर्जातीय विवाह और सामूहिक विवाह
सरकार ने सामाजिक सद्भाव और सामूहिक विवाह जैसे कदमों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना में विशेष प्रावधान जोड़े हैं:
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अंतर्जातीय विवाह के लिए बढ़ी राशि: सरकार अंतर्जातीय विवाह को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत, यदि श्रमिक की बेटी या पंजीकृत महिला श्रमिक का अंतर्जातीय विवाह होता है, तो अनुदान राशि को 61 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए कर दिया गया है। यह एक सराहनीय कदम है जो सामाजिक एकता को मजबूत करने में सहायक होगा।
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सामूहिक विवाह के लिए उदार पैकेज: सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विवाह करने वाली श्रमिक की कन्या या महिला श्रमिक को अब 85 हजार रुपये नकद मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, विवाह के आयोजन और उपहारों के लिए अलग से 15 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। पहले यह राशि आयोजन के लिए 7,000 रुपये और पोशाक के लिए 5,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर कुल 15,000 रुपये कर दिया गया है। इससे सामूहिक विवाहों को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों का आर्थिक बोझ कम होगा।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही के अनुसार, उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना की यह नई अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी की गई है, जिसमें न केवल अनुदान राशि में वृद्धि की गई है, बल्कि आवेदन प्रक्रिया में अधिक सहूलियतें भी दी गई हैं, जैसे आवेदन की समय सीमा बढ़ाना।
इस कदम से राज्य के लाखों निर्माण श्रमिकों, विशेष रूप से उनके परिवारों में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने और उनके विवाह जैसे शुभ अवसर पर आर्थिक चिंता को कम करने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश कन्या विवाह सहायता योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए श्रमिक वर्ग के जीवनस्तर को सुधारने में भी सहायक साबित हो रही है। अगर आप एक पंजीकृत श्रमिक हैं और आपकी बेटी की शादी होने वाली है, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क करके पूरी जानकारी प्राप्त करें।









