UP RTE Admission 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में मुफ्त प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूपी आरटीई फ्री एडमिशन के तहत, राज्य के लगभग 68 हजार निजी स्कूलों में 6.80 लाख से अधिक सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। यह अवसर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत प्रदान किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। अगर आप भी अपने बच्चे का भविष्य संवारना चाहते हैं और उसे एक अच्छे निजी स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि क्या है यूपी आरटीई एडमिशन की पूरी प्रक्रिया और कैसे कर सकते हैं आवेदन।
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम क्या है?
Right to Education (RTE) Act भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे साल 2009 में लागू किया गया था। इस अधिनियम के तहत 6 से 14 साल तक की उम्र के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा पाने का कानूनी अधिकार है। इसी कानून के अंतर्गत, सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को अपनी प्रवेशिका कक्षाओं (जैसे नर्सरी, केजी, फर्स्ट) की कुल सीटों में से 25% सीटें गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। इन सीटों पर चयनित बच्चों की स्कूल फीस, यूनिफॉर्म, किताबें और स्टेशनरी का पूरा खर्च सरकार वहन करती है। उत्तर प्रदेश आरटीई एडमिशन इसी कानून का हिस्सा है जो प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है।

किन बच्चों को मिलता है यूपी RTE के तहत लाभ?
यूपी आरटीई एडमिशन का लाभ पाने के लिए बच्चे और उसके परिवार को कुछ पात्रता मापदंडों को पूरा करना होता है। ये मापदंड निम्नलिखित हैं:
-
आयु सीमा: बच्चे की उम्र नर्सरी में प्रवेश के लिए 3 से 4 वर्ष, केजी के लिए 4 से 5 वर्ष और कक्षा 1 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। (नोट: उम्र में राज्य सरकार द्वारा थोड़ा बदलाव हो सकता है, आधिकारिक अधिसूचना देखें)।
-
पारिवारिक आय: परिवार की सालाना आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए। आमतौर पर, यह सीमा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹1.25 लाख और शहरी क्षेत्रों के लिए ₹1.5 लाख प्रतिवर्ष रहती है।
-
निवास: बच्चा उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
-
श्रेणी: यह लाभ मुख्यतः आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह (DG) के बच्चों के लिए है। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक श्रेणियों के गरीब परिवारों के बच्चे भी शामिल हैं।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि आरटीई यूपी के तहत प्रवेश पाने वाला बच्चा पहले से किसी भी निजी स्कूल में पढ़ता नहीं होना चाहिए। यह योजना उन बच्चों को पहला मौका देने के लिए है जो आर्थिक तंगी के कारण निजी स्कूलों की फीस नहीं दे सकते।
यह भी पढ़ें – रेलवे भर्ती 2026: रेलवे में 10वीं पास के लिए सुनहरा मौका, 22,000 से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती, जानें पूरी डिटेल
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन का पूरा शेड्यूल
इस बार यूपी आरटीई एडमिशन 2026-27 की प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इससे अभिभावकों के पास पर्याप्त समय रहेगा और रिक्त सीटों का सदुपयोग भी हो सकेगा। पूरी प्रक्रिया का विवरण नीचे दिया गया है:
पहला चरण
-
आवेदन की तारीख: 2 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026 तक।
-
आवेदन सत्यापन: 2 फरवरी से 16 फरवरी 2026 के बीच ही आवेदनों का सत्यापन भी किया जाएगा।
-
लॉटरी निकालने की तारीख: 18 फरवरी 2026।
-
स्कूल आवंटन के आदेश: 20 फरवरी 2026 तक जारी कर दिए जाएंगे।
दूसरा चरण
-
आवेदन की तारीख: 21 फरवरी 2026 से 7 मार्च 2026 तक।
-
लॉटरी निकालने की तारीख: 9 मार्च 2026।
-
स्कूल आवंटन के आदेश: 11 मार्च 2026 तक जारी होंगे।
तीसरा चरण
-
आवेदन की तारीख: 12 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026 तक। इस दौरान सत्यापन भी होगा।
-
लॉटरी निकालने की तारीख: 27 मार्च 2026।
-
स्कूल आवंटन के आदेश: 29 मार्च 2026 तक जारी किए जाएंगे।
-
अंतिम प्रवेश तिथि: सभी चरणों में आवंटित बच्चों का प्रवेश 11 अप्रैल 2026 तक स्कूलों में सुनिश्चित कराया जाएगा।
ध्यान रहे: पहले चरण के बाद बची हुई रिक्त सीटों पर ही दूसरे चरण का आवेदन होगा। इसी तरह, दूसरे चरण के बाद बची सीटों के आधार पर तीसरे चरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह भी पढ़ें – अब WhatsApp से आधार कार्ड डाउनलोड करें चुटकियों में — पूरी जानकारी और आसान गाइड
इस साल क्या है नया? आधार से जुड़ी सुविधा
उत्तर प्रदेश आरटीई एडमिशन 2026 की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है। इस साल पहली बार, अभिभावकों के आधार कार्ड के माध्यम से बच्चों का प्रवेश किया जाएगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और नकली आवेदन रोकने में मदद मिलेगी।
सबसे बड़ी सुविधा यह है कि बच्चों को किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके आधार से लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इस डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली से भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और लाभार्थियों को तुरंत और आसानी से पैसा मिल सकेगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका बच्चा इस मुफ्त प्रवेश योजना का पूरा लाभ उठा सके, अपना बैंक खाता आधार नंबर से लिंक करना न भूलें।
आवेदन कैसे करें? ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प
अभिभावक अपने बच्चों का आरटीई यूपी के तहत एडमिशन कराने के लिए निम्नलिखित तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
1. ऑनलाइन आवेदन (मुख्य तरीका)
-
सबसे पहले यूपी आरटीई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। (वेबसाइट का पता आमतौर पर rte25.upsdc.gov.in या इसी तरह का होता है, आधिकारिक अधिसूचना देखें)।
-
वेबसाइट पर नए उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण करें।
-
लॉग इन करने के बाद आवेदन फॉर्म भरें। इसमें बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, अभिभावक का आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अपलोड करना होगा।
-
अपनी पसंद के स्कूलों को चुनने का विकल्प मिलेगा। कुछ स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर चुन सकते हैं।
-
सभी जानकारी सही से भरकर आवेदन जमा कर दें।
2. ऑफलाइन सहायता (हेल्पडेस्क)
यूपी सरकार ने उन अभिभावकों की मदद के लिए जिनके पास इंटरनेट या कंप्यूटर की सुविधा नहीं है, पूरे प्रदेश में RTE हेल्पडेस्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये हेल्पडेस्क निम्न कार्यालयों में बनाए जाएंगे:
-
डीएम (जिलाधिकारी) कार्यालय
-
सीडीओ (मुख्य विकास अधिकारी) कार्यालय
-
बीडीओ (ब्लॉक विकास अधिकारी) कार्यालय
-
जिला चिकित्सालय
-
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
-
बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) और बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय
इन केंद्रों पर मौजूद कर्मचारी अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन भरने में निःशुल्क सहायता प्रदान करेंगे। इस तरह, कोई भी अभिभावक आसानी से अपने बच्चे का नि:शुल्क प्रवेश के लिए आवेदन कर सकता है।
पिछले साल के आंकड़े और इस बार की संभावनाएं
पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में यूपी आरटीई एडमिशन के तहत कुल 3.34 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 2.52 लाख आवेदन सत्यापन के बाद स्वीकार किए गए। अंततः लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 1.85 लाख सीटों का आवंटन हुआ और 1.41 लाख से ज्यादा बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित हुआ।
यह भी पढ़ें – आरटीई यूपी एडमिशन फॉर्म 2026-27: संपूर्ण मार्गदर्शिका, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
इस साल सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस ओर और ध्यान दिया गया है कि निजी स्कूलों में 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित हों। नए सत्र के लिए करीब 68 हजार निजी स्कूलों की मैपिंग की गई है और उनकी प्रारंभिक कक्षाओं की 25% सीटों के हिसाब से इस बार 6.80 लाख से अधिक सीटों पर बच्चों को प्रवेश मिलने का अनुमान है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है, जिससे हजारों अतिरिक्त बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
सफल आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
-
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन/पंचायत द्वारा जारी)
-
अभिभावक का आधार कार्ड
-
पारिवारिक आय प्रमाण पत्र (तहसीलदार/रेवेन्यू अधिकारी द्वारा जारी) या BPL राशन कार्ड
-
निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट)
-
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
-
बच्चे का पासपोर्ट साइज फोटो
-
आधार से लिंक बैंक खाता का विवरण (पासबुक/चेक)









