उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एक नई और व्यावहारिक पहल शुरू की है, जिससे युवा खुद का काम शुरू कर सकें और दूसरों को भी रोजगार दे सकें। इस योजना का नाम है – मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना (MYUVA)। इस योजना को 3 मार्च, 2024 को लॉन्च किया गया था। इसका एक मुख्य लक्ष्य यह है कि राज्य के युवा नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। यानी, युवा उद्यमी बनें और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करें।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना सिर्फ एक ऋण देने की योजना नहीं है। यह योजना केवल पैसे देने तक सीमित नहीं है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को पहले व्यवसाय की सही समझ दी जाए, फिर उन्हें आर्थिक मदद देकर काम शुरू करने के लिए सक्षम बनाया जाए। इसमें युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, उन्हें मार्गदर्शन मिलेगा और फिर बिना ब्याज के लोन देकर उनके सपनों को पंख लगाए जाएंगे। आइए, विस्तार से समझते हैं कि MYUVA योजना क्या है और यह उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए कैसे वरदान साबित हो सकती है।

MYUVA योजना क्या है? एक नजर में
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की एक ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य राज्य के हर जिले के हर कोने के युवाओं को उद्यमी बनाना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर साल लगभग एक लाख युवाओं को ऐसा प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले, जिससे वे अपना खुद का छोटा या मध्यम व्यवसाय शुरू कर सकें। इन युवाओं को 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। यह ऋण सीधे तौर पर उनके व्यवसायिक आइडिया को जमीन पर उतारने में मदद करेगा।
इस मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ पैसा ही नहीं दिया जा रहा। बल्कि, युवाओं को एक उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्हें बाजार की मांग के हिसाब से स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे न सिर्फ अपना काम शुरू कर सकें, बल्कि उसे आगे बढ़ा भी सकें।
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योजना के मुख्य उद्देश्य: सपनों को दें उड़ान
MYUVA योजना के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं, जो उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं:
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युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना: यह योजना का सबसे बड़ा मकसद है। ज्यादातर युवा पढ़-लिखकर नौकरी की तलाश में रहते हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना उन्हें समझाएगी कि वे अपना खुद का रोजगार कैसे शुरू कर सकते हैं।
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रोजगार सृजन, न कि रोजगार तलाश: जब युवा खुद का काम शुरू करता है, तो वह सिर्फ अपनी कमाई का जरिया नहीं बनाता, बल्कि आसपास के लोगों को भी काम देता है। इससे धीरे-धीरे गांव और शहर दोनों जगह रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
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ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा: व्यवसाय शुरू करने में सबसे बड़ी रुकावट पूंजी की कमी होती है। बैंकों से मिलने वाले लोन पर ब्याज का बोझ भी अलग से रहता है। MYUVA इस चुनौती को दूर करते हुए ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है, जिससे युवा बिना किसी दबाव के अपना व्यवसाय चला सकते हैं।
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कौशल विकास और प्रशिक्षण: पैसा मिल जाने के बाद भी अगर युवा को व्यवसाय चलाने का तरीका नहीं आता, तो सफलता मुश्किल होती है। इसीलिए इस योजना में प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को हुनरमंद बनाया जाएगा।
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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती: छोटे-छोटे स्थानीय व्यवसाय जब शुरू होंगे, तो इससे स्थानीय बाजार जीवंत होंगे, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और पूरी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कौन ले सकता है लाभ? पात्रता मानदंड
हर योजना की तरह मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के भी कुछ पात्रता मानदंड हैं, ताकि लाभ सही लोगों तक पहुंचे:
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आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
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आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। कुछ विशेष श्रेणियों (जैसे एससी/एसटी, महिलाएं, दिव्यांग) में यह सीमा 5 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
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आवेदक के पास कम से कम 10वीं कक्षा पास का प्रमाण पात्र होना चाहिए। हालांकि, अगर कोई इच्छुक व्यक्ति कम पढ़ा-लिखा है, लेकिन उसके पास एक बेहतरीन व्यवसायिक आइडिया है, तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।
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आवेदक के पास कोई पहले से चल राला लाभकारी व्यवसाय नहीं होना चाहिए।
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आवेदन करते समय युवक या युवती को यह बताना होगा कि वह किस तरह का व्यवसाय शुरू करना चाहता है और उससे कमाई कैसे होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार इस MYUVA योजना के जरिए हजारों सफलता की कहानियां लिखना चाहती है। ऐसे कई युवा हैं जो पढ़ाई के बाद नौकरी न मिलने पर निराश हो जाते हैं। MYUVA जैसी योजनाएं उन्हें नया रास्ता दिखा सकती हैं, जहां वे अपने हुनर के दम पर खुद का काम शुरू कर सकें।
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कैसे करें आवेदन? प्रक्रिया सरल है
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया को यथासंभव सरल रखने की कोशिश की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा जुड़ सकें।
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सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा।
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आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता, आयु प्रमाण पत्र और बिजनेस प्लान जमा करना होगा।
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आवेदन जमा होने के बाद, योजना के अधिकारी बिजनेस प्लान की जांच करेंगे और उसकी व्यवहार्यता (फाइजिबिलिटी) देखेंगे।
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इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाएगा। यह प्रशिक्षण बहुत जरूरी है।
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प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, युवा उद्यमी को ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया जाएगा और उसे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
क्यों है यह योजना खास? बड़े फायदे
MYUVA योजना दूसरी योजनाओं से इसलिए अलग और खास है, क्योंकि इसमें सिर्फ वादा ही नहीं, पूरी प्लानिंग के साथ युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।
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बिना ब्याज का लोन: 5 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी ब्याज के मिलना युवा उद्यमी पर वित्तीय बोझ कम कर देता है। वह पूरे मन से अपने काम पर ध्यान दे सकता है।
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हैंडहोल्डिंग सपोर्ट: सरकार का कहना है कि लोन मिलने के बाद भी युवाओं को जरूरी सलाह और मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि वे शुरुआती गलतियों से बच सकें।
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महिलाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन: इस मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में महिला उद्यमियों को विशेष रूप से प्राथमिकता दी जा रही है। उनके लिए आयु सीमा में छूट और चयन प्रक्रिया में आरक्षण जैसे प्रावधान हैं।
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ग्रामीण और शहरी, दोनों का विकास: यह योजना सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों के युवाओं को कृषि आधारित व्यवसाय, डेयरी, मछली पालन, हैंडीक्राफ्ट जैसे कामों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
किन क्षेत्रों में शुरू कर सकते हैं व्यवसाय?
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवा कई तरह के व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। कुछ प्रमुख क्षेत्र इस प्रकार हैं:
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रिटेल और होम डिलीवरी: छोटी दुकानें, किराना स्टोर, ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं।
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सेवा क्षेत्र: मोबाइल/लैपटॉप रिपेयरिंग, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, ट्यूशन क्लासेज, डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी, घर बैठे खाना बनाना (घरेलू कैटरिंग)।
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निर्माण और उत्पादन: छोटे उद्योग जैसे मोमबत्ती निर्माण, अगरबत्ती बनाना, पैकेजिंग यूनिट, साबुन निर्माण।
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कृषि और संबंधित क्षेत्र: ऑर्गेनिक फार्मिंग, मशरूम की खेती, मधुमक्खी पालन, पॉल्ट्री फार्म, फलों और सब्जियों की प्रोसेसिंग यूनिट।
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टेक और इनोवेशन: एप डेवलपमेंट, वेबसाइट डिजाइनिंग, ई-कॉमर्स स्टोर, रिन्यूएबल एनर्जी के उपकरण।
अन्य राज्यों की योजनाओं से तुलना
भारत के कई राज्यों में युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चल रही हैं। जैसे, ओडिशा का ‘START-UP ODISHA’, तेलंगाना का ‘T-HUB’, केरल का ‘KSUM’। लेकिन उत्तर प्रदेश की MYUVA योजना अपने सीधे और स्पष्ट फायदों के कारण विशेष है। जहां कई योजनाएं टेक-स्टार्टअप्स पर ज्यादा फोकस करती हैं, वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ट्रैडिशनल से लेकर मॉडर्न, हर तरह के व्यवसाय को समर्थन देती है। साथ ही, ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान इसे ज्यादा आकर्षक बनाता है।
चुनौतियां और समाधान
हर बड़ी योजना के सामने कुछ चुनौतियां भी होती हैं। MYUVA योजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि लोन पाने वाले युवा इसे सही तरीके से इस्तेमाल करें और व्यवसाय को सफल बनाएं। कई बार प्रशिक्षण के बाद भी बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना करना मुश्किल होता है। इसके लिए जरूरी है कि सरकार निरंतर मॉनिटरिंग और मेंटरशिप प्रोग्राम चलाए। युवा उद्यमियों को बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों की मार्केटिंग में मदद करने की जरूरत होगी। खुशी की बात यह है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में इन बातों पर भी विचार किया गया है।
निष्कर्ष: नए उत्तर प्रदेश की नींव
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (MYUVA) सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक नई सुबह का संदेश है। यह योजना युवाओं की सोच को ‘नौकरी चाहिए’ से बदलकर ‘नौकरी दूंगा’ करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई इस योजना से न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य की आर्थिक तस्वीर भी बदलेगी। युवा जब आत्मनिर्भर बनेंगे, तो पूरा परिवार, पूरा समाज और पूरा राज्य आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। यह योजना वास्तव में एक ‘युवा उद्यमी विकास अभियान’ है, जो नए भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो सकती है। अब यह युवाओं पर निर्भर है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने सपनों को, और अपने राज्य के सपनों को साकार करें।
उत्तर प्रदेश MYUVA योजना 2025 से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण सवाल और जवाब (FAQ)
Q1. MYUVA योजना क्या है और इसे किसने शुरू किया?
A: MYUVA यानी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें उद्यमी बनाना है। इस योजना को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 मार्च, 2024 को लॉन्च किया था। इसमें युवाओं को प्रशिक्षण और ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है।
Q2. MYUVA योजना का फुल फॉर्म क्या है?
A: MYUVA का फुल फॉर्म Mukhyamantri Yuva Udyami Vikas Abhiyan है। हिंदी में इसे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान कहा जाता है।
Q3. MYUVA योजना के लिए आवेदन कैसे करें? ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
A: MYUVA योजना के लिए आवेदन मुख्यतः ऑनलाइन ही होगा।
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सबसे पहले उत्तर प्रदेश एमएसएमई विभाग या यूपी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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MYUVA योजना के सेक्शन में “आवेदन करें” या “Apply Online” के ऑप्शन पर क्लिक करें।
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आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी जैसे नाम, पता, आयु, शैक्षणिक योग्यता आदि सही-सही भरें।
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अपना बिजनेस प्लान या प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करें।
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जरूरी दस्तावेजों (आधार, निवास प्रमाण, फोटो) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
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फॉर्म जमा करने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, उसे सुरक्षित रखें।
(नोट: अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। आधिकारिक विज्ञप्ति आने के बाद ही आवेदन लिंक सक्रिय होगा।)
Q4. MYUVA योजना के लिए क्या पात्रता (Eligibility) है?
A: MYUVA योजना की मुख्य पात्रता निम्नलिखित है:
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आयु: 18 से 35 वर्ष। (एससी/एसटी, महिला और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष तक की छूट हो सकती है)।
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निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
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शैक्षणिक योग्यता: न्यूनतम 10वीं पास (कुछ शर्तों के साथ छूट संभव)।
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बिजनेस आइडिया: आवेदक के पास एक स्पष्ट और व्यवहार्य (फीजिबल) व्यवसाय योजना होनी चाहिए।
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पूर्व अनुभव: आवेदक के पास पहले से कोई चल राला लाभकारी व्यवसाय नहीं होना चाहिए।
Q5. MYUVA योजना में कितना लोन मिलता है? क्या यह ब्याज मुक्त है?
A: MYUVA योजना के तहत अधिकतम 5 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लोन पूरी तरह से ब्याज मुक्त (Interest Free Loan) होगा। यानी आपको सिर्फ मूल राशि ही चुकानी होगी, उस पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लगेगा।
Q6. MYUVA योजना में लोन कैसे मिलेगा? प्रक्रिया क्या है?
A: लोन मिलने की प्रक्रिया में कई चरण शामिल हैं:
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आवेदन और स्क्रीनिंग: आवेदन जमा करने के बाद अधिकारी आपके बिजनेस प्लान की जांच करेंगे।
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प्रशिक्षण (Training): चयनित उम्मीदवारों को अनिवार्य प्रशिक्षण से गुजरना होगा। यह प्रशिक्षण व्यवसाय चलाने के गुर सिखाएगा।
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लोन स्वीकृति: प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लोन की स्वीकृति मिलेगी।
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लोन डिस्बर्समेंट: स्वीकृत लोन की राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
Q7. MYUVA और PMMY (मुद्रा लोन) में क्या अंतर है?
A: यह एक बहुत अच्छा सवाल है। दोनों योजनाएं अलग-अलग हैं:
| फीचर | MYUVA योजना (उत्तर प्रदेश) | PMMY (मुद्रा लोन) (केंद्र सरकार) |
|---|---|---|
| ऋण की शर्त | ब्याज मुक्त ऋण | ब्याज युक्त ऋण (हालांकि ब्याज दर कम होती है) |
| राशि सीमा | अधिकतम 5 लाख रुपये | तीन श्रेणियां: शिशु (50 हजार), किशोर (5 लाख), तरुण (10 लाख) |
| मुख्य फोकस | प्रशिक्षण के बाद उद्यमी बनाना | स्वरोजगार/व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराना |
| चयन प्रक्रिया | बिजनेस प्लान और प्रशिक्षण पर जोर | क्रेडिट स्कोर और बैंक मानदंड अहम |
सीधे शब्दों में, MYUVA एक संपूर्ण अभियान है जो पहले तैयार करता है फिर लोन देता है, जबकि मुद्रा लोन मुख्य रूप से ऋण देने की योजना है।
Q8. MYUVA योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
A: आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी तैयार रखनी चाहिए:
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आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल)
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आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट)
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शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र
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पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
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बैंक खाता विवरण (पासबुक/चेक की फोटोकॉपी)
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सबसे जरूरी: व्यवसाय योजना (बिजनेस प्लान / प्रोजेक्ट रिपोर्ट)
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(यदि लागू हो) जाति/दिव्यांगता प्रमाण पत्र









