यूपी बिजली बिल राहत योजना 2026: बकाया बिल में पूरा सरचार्ज माफ, मूलधन में 20% छूट, यहां जानें पूरी डिटेल

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है। यूपी बिजली बिल राहत योजना 2026 के तहत बकाया बिजली बिल वाले लाखों ग्राहकों को न केवल पूरे सरचार्ज से छूट मिलेगी, बल्कि उनके मूल बकाया में भी 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि बिजली चोरी के मामलों में भी यह योजना राहत प्रदान करती है, जिससे उपभोक्ताओं के पेंडिंग केस भी खत्म हो सकते हैं। इस लेख में हम आपको इस बिजली बकाया छूट योजना की पूरी जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

क्या है यूपी बिजली बिल राहत योजना 2025-26?

उत्तर प्रदेश बिजली बिल राहत योजना 2025-26 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य लंबे समय से बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत प्रदान करना और बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वसूली दर में सुधार लाना है। इससे पहले भी यूपी सरकार ने ऐसी योजनाएं चलाई हैं, लेकिन इस बार की यूपी बिजली बकाया माफी योजना में छूट का दायरा काफी बड़ा है।
यूपी बिजली बिल राहत योजना 2026
यूपी बिजली बिल राहत योजना 2026
यह योजना मुख्य रूप से दो चरणों में चलाई जा रही है। पहले चरण में पहले ही लगभग 32 लाख उपभोक्ताओं ने लाभ उठाया है। अब दूसरा चरण 4 जनवरी 2026 से शुरू हुआ है, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान उपभोक्ता पंजीकरण करा सकते हैं और बकाया राशि पर भारी छूट पा सकते हैं।
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योजना के मुख्य लाभ और विशेषताएं

  1. 100% सरचार्ज (लाटरी/ब्याज) की माफी: बकाया बिल पर लगने वाला सारा सरचार्ज (जिसे ब्याज या लेट पेमेंट सरचार्ज भी कहते हैं) पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। यह सबसे बड़ी राहत है, क्योंकि अक्सर बकाया राशि से ज्यादा तो सरचार्ज की रकम हो जाती है।
  2. मूल बकाया में 20% तक की छूट: सरचार्ज माफ करने के साथ-साथ मूल बकाया राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) पर भी 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यानी अगर आपका मूल बकाया 10,000 रुपये है, तो आपको केवल 8,000 रुपये ही चुकाने होंगे।
  3. बिजली चोरी के मामलों का निपटारा: इस यूपी बिजली राहत योजना की सबसे अनोखी बात यह है कि यह बिजली चोरी (पावर थेफ्ट) के पेंडिंग केस वाले उपभोक्ताओं के लिए भी राहत का प्रावधान करती है। योजना के तहत आवेदन करने पर बिजली चोरी के मामले भी एकमुश्त समाधान के दायरे में आ सकते हैं और केस खत्म किए जा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए अलग से प्रक्रिया और शर्तें लागू हो सकती हैं।
  4. ईएमआई सुविधा: बकाया राशि को चुकाने के लिए उपभोक्ताओं को आसान किस्तों (ईएमआई) की सुविधा भी दी जा रही है। इससे बड़ी रकम को एक साथ चुकाने का बोझ कम होगा।
  5. कम पंजीकरण शुल्क: योजना में आवेदन के लिए केवल 2,000 रुपये का एक बार का पंजीकरण शुल्क रखा गया है। ध्यान रहे, यह शुल्क भी बकाया राशि में ही जोड़ दिया जाएगा और छूट की गणना उसके बाद की जाएगी।

कौन ले सकता है लाभ? – पात्रता मानदंड

सभी प्रकार के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। पात्रता को लेकर कुछ सीमाएं तय की गई हैं:
  • घरेलू (डोमेस्टिक) उपभोक्ता: वे घरेलू उपभोक्ता जिनका संयोजित भार (सैन्क्शन्ड लोड) 2 किलोवाट (kW) तक है, वे इस योजना के लिए पात्र हैं।
  • वाणिज्यिक (कमर्शियल) उपभोक्ता: छोटे दुकानदार जिनका संयोजित भार 1 किलोवाट (kW) तक है, वे भी इस बिजली बकाया माफी योजना का लाभ ले सकते हैं।
  • बकाया राशि: योजना उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके बिजली बिल पर लंबे समय से बकाया राशि चली आ रही है। नए बकाया वाले भी आवेदन कर सकते हैं।
  • बिजली चोरी केस वाले: जिन उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज है या चल रहा है, वे भी विशेष प्रावधानों के तहत इस योजना से जुड़ सकते हैं।
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महत्वपूर्ण नोट: यह योजना मुख्यतः लो-वोल्टेज (LT) और छोटे उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। हाई-वोल्टेज (HT) या बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए अलग से कोई प्रावधान हो सकता है, जिसकी जानकारी संबंधित डिस्कॉम से लेनी चाहिए।

कैसे करें आवेदन? – पंजीकरण प्रक्रिया

यूपी बिजली बिल राहत योजना 2026 में आवेदन करने की प्रक्रिया काफी सरल बनाई गई है। उपभोक्ता निम्नलिखित तरीकों से पंजीकरण करा सकते हैं:
  1. ऑनलाइन आवेदन (वेबसाइट/एप):
    • उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की आधिकारिक वेबसाइट www.upenergy.in पर जाएं।
    • होमपेज पर ‘One Time Settlement Scheme 2025-26’ या ‘बिजली बिल राहत योजना’ का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करें।
    • अपना बिजली कनेक्शन नंबर (सर्विस ID) और अन्य जरूरी विवरण दर्ज करें।
    • सिस्टम स्वतः आपका बकाया विवरण दिखाएगा। छूट के बाद की देय राशि और ईएमआई विकल्प भी दिखेंगे।
    • ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए 2000 रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा करें।
    • आवेदन पूरा करने के बाद एक रसीद/पंजीकरण संख्या प्राप्त करें।
  2. ऑफलाइन आवेदन (बिजली कार्यालय):
    • अपने क्षेत्र के संबंधित बिजली वितरण कार्यालय (जैसे पावर हाउस, सब-डिवीजन ऑफिस) में जाएं।
    • वहां से यूपी बिजली बकाया छूट योजना का आवेदन फॉर्म लें।
    • फॉर्म को सही से भरकर अपने बिजली बिल की कॉपी और अन्य जरूरी दस्तावेज संलग्न करें।
    • फॉर्म जमा करते समय पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें और रसीद अवश्य लें।
  3. नगर निगम/ग्राम पंचायत कार्यालय (कुछ क्षेत्रों में): कुछ जगहों पर स्थानीय निकायों के कार्यालयों में भी इस योजना के लिए सहायता केंद्र खोले गए हैं।

योजना का तीसरा चरण और छूट में कमी का खतरा

आवेदन करने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छूट का यह लाभ सीमित समय के लिए है। योजना का दूसरा चरण 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक तीसरा चरण चलेगा।
हालांकि, अधिकारियों की मानें तो तीसरे चरण में छूट की दर कम हो सकती है। मतलब, फरवरी में आवेदन करने वालों को शायद पूरा सरचार्ज माफी या 20% छूट न मिले। इसलिए, सभी पात्र उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे जनवरी के अंदर ही अपना पंजीकरण करा लें ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

पिछली योजना का क्या रहा असर? – 32 लाख लाभार्थियों का डेटा

इससे पहले चले पहले चरण की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 32 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने उसका लाभ उठाया। इससे राज्य की डिस्कॉम कंपनियों (जैसे पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल) को हजारों करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने में मदद मिली।
यह योजना डिस्कॉम और उपभोक्ता, दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। डिस्कॉम को पुराने बकाये की वसूली हो जाती है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होती है और वे बिजली आपूर्ति में सुधार पर निवेश कर सकते हैं। वहीं, उपभोक्ता भारी सरचार्ज और कानूनी परेशानियों से मुक्ति पाकर एक नई शुरुआत कर सकते हैं।

सावधानियां और जरूरी बातें

  • अपना बकाया जांच लें: आवेदन से पहले अपना सही और अपडेटेड बकाया विवरण UPPCL की वेबसाइट या बिल पर दिए गए टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके जरूर चेक कर लें।
  • रसीद सुरक्षित रखें: पंजीकरण की रसीद या स्लिप को भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।
  • ईएमआई का चयन: अगर आप ईएमआई का विकल्प चुनते हैं, तो किश्तों की अवधि और ब्याज दर (अगर लगती है) को अच्छी तरह समझ लें।
  • भविष्य के बिल समय पर जमा करें: यह योजना केवल पुराने बकाये के लिए है। योजना का लाभ लेने के बाद भविष्य में बिजली बिल का समय पर भुगतान जारी रखना आवश्यक है, नहीं तो फिर से सरचार्ज लग सकता है।
  • बिजली चोरी के मामले: अगर आप बिजली चोरी के केस में राहत चाहते हैं, तो संबंधित डिस्कॉम कार्यालय में अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करें। हो सकता है इसके लिए एक अलग प्रक्रिया या फॉर्म भरना पड़े।

निष्कर्ष: एक सुनहरा मौका

उत्तर प्रदेश बिजली बिल राहत योजना 2025-26 राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को दिया गया एक सुनहरा अवसर है। यह न केवल आपके बकाये का बोझ कम करती है, बल्कि आपको कानूनी दंड और सरचार्ज के चक्रव्यूह से भी बाहर निकालती है। अगर आप यूपी के निवासी हैं और आपके बिजली बिल पर बकाया है, तो 31 जनवरी 2026 से पहले इस बिजली बकाया माफी योजना में आवेदन जरूर करें।
याद रखें, सरकारी योजनाएं समय-सीमित होती हैं। अभी जो भारी छूट मिल रही है, हो सकता है आगे चलकर उसमें कटौती हो जाए। इसलिए, देरी न करें, अपना यूपी बिजली बिल राहत योजना का पंजीकरण कराएं और बिजली के बकाये से हमेशा के लिए मुक्ति पाएं।

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