PNG कनेक्शन की बढ़ती मांग: LPG संकट के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस बनी रसोई की पहली पसंद

भारत में इन दिनों रसोई गैस को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ महीनों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेने वालों की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। ईरान युद्ध के कारण एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) सिलेंडर की आपूर्ति पर पड़े संकट ने लोगों का रुख PNG की ओर कर दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों PNG अचानक लोगों की पहली पसंद बन गई है और इसका भविष्य क्या है।

LPG संकट ने बदली लोगों की सोच

ईरान में जारी युद्ध का असर अब भारत की रसोई तक पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से भारत का करीब 60% एलपीजी आयात होता है, युद्ध की वजह से प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता पर पड़ा है। BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेस्तरां और होटल जैसे व्यावसायिक उपभोक्ता इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर रेस्तरां बंद हो गए या फिर उन्होंने अपना मेन्यू सीमित कर दिया।
PNG कनेक्शन की बढ़ती मांग
PNG कनेक्शन की बढ़ती मांग
हालांकि, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए आपूर्ति बनाए रखी है, लेकिन सिलेंडर बुकिंग में देरी और अनिश्चितता ने आम लोगों को विकल्प तलाशने के लिए मजबूर कर दिया। इसी बीच PNG ने एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में अपनी जगह बना ली है। द इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, उद्योग जगत के अधिकारियों का कहना है कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से नए PNG कनेक्शन की संख्या दोगुनी होकर लगभग 2.5 लाख हो गई है। पहले यह आंकड़ा महीने में 1.2 लाख के करीब था।
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PNG क्यों है बेहतर विकल्प?

1. निरंतर आपूर्ति और सुविधा

PNG का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पानी और बिजली की तरह 24×7 उपलब्ध रहती है। आपको सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं करनी पड़ती, न ही बुकिंग का झंझट। एक बार कनेक्शन लग जाने के बाद यह लगातार गैस सप्लाई करता रहता है। यही वजह है कि एक बार PNG अपनाने वाले उपभोक्ता शायद ही दोबारा LPG पर लौटते हैं।

2. सुरक्षा के मामले में बेहतर

PNG यानी मीथेन गैस हवा से हल्की होती है। अगर कभी रिसाव होता है, तो यह ऊपर की ओर उड़ जाती है और हवा में घुल जाती है। वहीं, LPG हवा से भारी होती है और रिसाव पर जमीन पर फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा ज्यादा रहता है। साथ ही, PNG का दबाव सिलेंडर के मुकाबले काफी कम होता है, जिससे यह ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है।

3. लागत में बचत

हालांकि LPG की तुलना में PNG की कीमतें शहर और वितरण कंपनी के हिसाब से अलग-अलग होती हैं, लेकिन सामान्य तौर पर यह सस्ती साबित होती है। NDTV फूड की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि एक घंटे तक खाना पकाने पर PNG पर लगभग 25 से 40 रुपये का खर्च आता है, जबकि LPG सिलेंडर पर यह खर्च 70 से 90 रुपये के बीच होता है। हिंदी न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़24 के अनुसार, PNG अपनाने से एक परिवार हर महीने 300 से 400 रुपये तक बचा सकता है।

सरकार का सख्त रुख और विस्तार की योजना

LPG संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने PNG नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।

1. 50 लाख नए कनेक्शन का लक्ष्य

हाल ही में दिल्ली में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में शहरी क्षेत्रों में PNG सेवाओं के विस्तार को लेकर चर्चा हुई और 50 लाख नए PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया ।
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2. नियमों में ढील और सिंगल विंडो सिस्टम

PNG नेटवर्क बिछाने में सबसे बड़ी बाधा स्थानीय निकायों से अनुमति लेने में होने वाली देरी थी। सरकार ने अब इसे दूर करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) ने सीजीडी (City Gas Distribution) आवेदनों को 10 दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, सिंगल विंडो सिस्टम और डीम्ड अप्रूवल (यानी समय सीमा में अनुमति न मिलने पर स्वतः मान्य) की प्रक्रिया को लागू किया जा रहा है।

3. चंडीगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, चंडीगढ़ प्रशासन ने 1 लाख घरों को PNG से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। यहां घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और आवेदन की प्रक्रिया को तेज किया गया है। यह पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा।

4. व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर जोर

सरकार ने रेस्तरां, होटल और औद्योगिक इकाइयों को भी PNG अपनाने के निर्देश दिए हैं। व्यावसायिक LPG की आपूर्ति में कटौती के बाद अब इसे चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जा रहा है। शुक्रवार तक यह आपूर्ति 20% से बढ़ाकर 70% कर दी गई है। हालांकि, लंबी अवधि में व्यावसायिक उपभोक्ताओं को PNG पर शिफ्ट करने की योजना है ।

क्या LPG और PNG एक साथ रख सकते हैं?

यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। PNG कनेक्शन लेने के बाद, नियमों के अनुसार, आप एक ही घर में सब्सिडी वाला LPG सिलेंडर नहीं रख सकते। PNG लगवाने के बाद आपको अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा या उसे नॉन-सब्सिडाइज्ड कैटेगरी में बदलना होगा। हालांकि, आपात स्थिति के लिए बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर रख सकते हैं, लेकिन यह आपकी वितरण कंपनी के नियमों पर निर्भर करता है।

PNG कनेक्शन कैसे लें?

अगर आप भी PNG कनेक्शन लेना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया काफी सरल है। आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:
  • आधार कार्ड (पहचान प्रमाण)
  • बिजली का बिल या हाउस टैक्स रसीद (पता प्रमाण)
  • घर के मालिकाना हक के कागजात (अगर किराए पर रहते हैं तो मालिक की NOC)
आप अपने शहर की गैस वितरण कंपनी (जैसे दिल्ली में IGL, मुंबई में MGL, या अन्य शहरों में Adani Total Gas, GAIL आदि) की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कई कंपनियां नए कनेक्शन पर रजिस्ट्रेशन फीस में छूट और मुफ्त गैस जैसे ऑफर भी दे रही हैं।

आगे की राह

उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि PNG की ओर रुझान बढ़ता रहेगा। मार्च के अंत तक नए कनेक्शनों की संख्या 3 से 3.5 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है। जैसे-जैसे PNG का नेटवर्क शहरी क्षेत्रों से होते हुए छोटे शहरों और कस्बों में फैलेगा, वैसे-वैसे LPG पर निर्भरता कम होगी। सरकार की यह पहल न केवल घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि आम नागरिकों को एक सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन विकल्प भी उपलब्ध कराएगी।
नोट: यह लेख 29 मार्च, 2026 तक उपलब्ध जानकारी और विभिन्न समाचार स्रोतों पर आधारित है। PNG कनेक्शन से जुड़ी नवीनतम जानकारी और ऑफर्स के लिए कृपया अपने नजदीकी गैस वितरण कंपनी के कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।

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