प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM-SETU): भारत के युवाओं और ITI संस्थानों के भविष्य का गेम-चेंजर

प्रधानमंत्री सेतु योजना: एक विश्लेषण में पाया गया कि भारत के 14,500 से अधिक ITI में से 78% निजी स्वामित्व वाले हैं, जिनमें से अधिकांश को आधुनिकीकरण की तत्काल आवश्यकता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM-SETU) की शुरुआत की है, जिसके तहत ITI संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए ₹60,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने ITI व्यवस्था में सुधार के लिए एक नई और महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। जिसका नाम है प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM-SETU)। 4 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में औपचारिक रूप से लॉन्च की गई यह योजना, देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और युवा कौशल विकास के परिदृश्य को बदलने का वादा करती है।
प्रधानमंत्री सेतु योजना 2025 - ITI अपग्रेड और स्किल ट्रेनिंग पर फोकस
प्रधानमंत्री सेतु योजना 2025 – ITI अपग्रेड और स्किल ट्रेनिंग पर फोकस
PM-SETU Yojana details in Hindi में समझें तो, यह योजना केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ITI सिस्टम को पूरी तरह मजबूत करने पर केंद्रित है, जो “सरकारी स्वामित्व, उद्योग-प्रबंधन” के अभिनव मॉडल पर आधारित है। यह योजना उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटने, छात्रों को वैश्विक मानकों का प्रशिक्षण देने और इस योजना का उद्देश्य युवाओं को ऐसा कौशल देना है जिससे वे रोजगार पा सकें और देश की जरूरतों को पूरा कर सकें।
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पीएम-सेतु योजना 2025: मुख्य विशेषताएँ

नीचे दी गई तालिका में योजना के प्रमुख पहलुओं को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है:
विशेषता
विवरण
योजना का पूरा नाम
प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU)
लॉन्च तिथि
4 अक्टूबर 2025
संचालन मंत्रालय
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)
कुल बजट
₹60,000 करोड़
मुख्य लक्ष्य
1,000 सरकारी ITI का उन्नयन
कार्यान्वयन मॉडल
हब-एंड-स्पोक मॉडल (200 हब + 800 स्पोक ITI)
शासन मॉडल
उद्योग-नेतृत्व वाला SPV (उद्योग 51%, सरकार 49% हिस्सेदारी)
अतिरिक्त फोकस
5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) को वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र बनाना

पीएम-सेतु योजना का उद्देश्य: सिर्फ डिग्री नहीं, हुनर

PM-SETU योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ITI से पढ़ने वाले युवाओं को नौकरी के लायक व्यावहारिक कौशल मिल सके। यह योजना तीन स्तरों पर काम करेगी:
  • उद्योग एवं शिक्षा के बीच के अंतर को दूर करना: कई ITI में पुराने पाठ्यक्रम और सीमित उद्योग संपर्क के कारण, स्नातकों के पास बाजार की मांग के अनुरूप कौशल का अभाव रहता है। PM-SETU योजना में उद्योगों को सीधे जोड़ा गया है, ताकि वही कंपनियां प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तय करें जिनमें युवाओं को आगे चलकर काम करना है, ताकि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम वास्तविक नौकरी की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किए जा सकें।
  • ITI संस्थानों के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प: योजना के तहत 1,000 सरकारी ITI को आधुनिक मशीनरी, डिजिटल लर्निंग सिस्टम और उन्नत workshop से लैस किया जाएगा। सरकार चाहती है कि ITI सिर्फ सर्टिफिकेट देने तक सीमित न रहें, बल्कि वहां वास्तविक काम और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हो।
  • दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों को साधना: एक कुशल कार्यबल देश की उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाता है। प्रधानमंत्री सेतु योजना 2025 का दृष्टिकोण 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में सहायक है, जो कि प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट विजन रहा है।
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योजना की अनूठी संरचना: हब-एंड-स्पोक मॉडल और उद्योग की अगुवाई

PM-SETU योजना की सफलता इसकी सोची-समझी संरचना में निहित है, जो पारंपरिक सरकारी योजनाओं से हटकर है।
  • हब-एंड-स्पोक मॉडल: पूरे देश में 200 ‘हब’ ITI स्थापित किए जाएंगे, जिनके साथ लगभग चार-चार ‘स्पोक’ ITI जुड़े होंगे।
    • हब ITI उच्च-स्तरीय सुविधाओं का केंद्र होंगे, जहाँ Innovation Centre, Trainer Training Centre, Production Unit और Placement Cell होंगे।
    • स्पोक ITI ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में प्रशिक्षण की पहुँच बढ़ाएंगे और हब की सुविधाओं से जुड़े रहेंगे।
    • इस मॉडल का एक उदाहरण राजस्थान में देखा जा सकता है, जहाँ ITI भरतपुर को हब बनाया जाएगा और ITI धौलपुर, करौली, कामां व बयाना को स्पोक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • उद्योग-नेतृत्व वाला शासन मॉडल: इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें उद्योगों को प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक उन्नत ITI क्लस्टर एक Special Purpose Vehicle (SPV) द्वारा प्रबंधित किया जाएगा।
    • इन SPV में उद्योग भागीदारों की 51% और सरकार की 49% हिस्सेदारी होगी, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में उद्योग को बहुमत मिलेगा।
    • उद्योग साझेदार 83% तक की सरकारी सह-वित्तपोषण सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जिससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
    • Anchor Industry Partners (AIP) पाठ्यक्रम डिजाइन, ट्रेनर का प्रशिक्षण और अत्याधुनिक लैब स्थापित करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।

पीएम-सेतु योजना के तहत पात्रता और चयन प्रक्रिया

यह समझना महत्वपूर्ण है कि PM-SETU scheme प्राथमिक रूप से ITI संस्थानों के उन्नयन की योजना है, न कि सीधे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति या स्टाइपेंड देने की। हालाँकि, इसका अंतिम लाभ छात्रों को ही एक बेहतर प्रशिक्षण वातावरण के रूप में मिलेगा। अभी तक, योजना के क्रियान्वयन के लिए उद्योग भागीदारों का चयन शुरू हुआ है।
  • उद्योग भागीदारों के लिए प्रक्रिया: कौशल विकास मंत्रालय और राज्य सरकारों ने Expression of Interest (EOI) जारी कर दी है। कंपनियों को Anchor Industry Partner (AIP) बनने के लिए आवेदन करना होगा। अब तक कर्नाटक, गुजरात, असम और चंडीगढ़ जैसे राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने EOI जारी कर दी है। उद्योगों से अपेक्षा है कि वे एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भागीदारी करेंगे।
  • छात्रों के लिए भविष्य की संभावना: एक बार ITI का उन्नयन हो जाने और नए पाठ्यक्रम शुरू हो जाने के बाद, छात्र सीधे अपने संबंधित उन्नत ITI में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। उद्योग-संचालित पाठ्यक्रमों के कारण, प्रशिक्षण के दौरान या बाद में इंटर्नशिप एवं Placement के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

पीएम-सेतु योजना के लाभ एवं प्रभाव

What is PM-SETU scheme? इसका सबसे अच्छा जवाब इसके द्वारा लाए जाने वाले बदलाव में छिपा है।
  • छात्रों के लिए लाभ:
    • अद्यतन और प्रासंगिक कौशल: पाठ्यक्रम सीधे उद्योग की मांग के अनुरूप होंगे, जिससे स्नातकों की रोजगार योग्यता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
    • बेहतर Infrastructure: आधुनिक मशीनों और डिजिटल टूल पर हाथों-हाथ प्रशिक्षण मिलेगा।
    • सीधा उद्योग जोड़: कैंपस में ही इनोवेशन हब और मजबूत प्लेसमेंट सेल छात्रों को उद्योग से जोड़ेंगे।
  • देश और अर्थव्यवस्था के लिए लाभ:
    • कुशल कार्यबल का निर्माण: योजना का लक्ष्य आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं को प्रशिक्षित करना है, जिससे देश की उत्पादक क्षमता बढ़ेगी।
    • उद्योग-शिक्षा सहयोग को मजबूती: यह मॉडल दीर्घकालिक उद्योग-संस्थान साझेदारी की नींव रखेगा।
    • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: पाँच National Skill Training Institutes (NSTI) को वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने से भारत को वैश्विक कौशल मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाने में मदद मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. क्या PM-SETU योजना के लिए कोई फीस है?
    नहीं, PM-SETU योजना एक संस्थागत उन्नयन कार्यक्रम है। यह सीधे ITI संस्थानों को उन्नत बनाने के लिए सरकार और उद्योग का निवेश है। संस्थानों के उन्नयन के बाद, छात्रों से ली जाने वाली नियमित फीस संबंधित राज्य सरकार और ITI प्रशासन के नियमों पर निर्भर करेगी।
  2. क्या पीएम सेतु योजना के तहत ₹5000 स्टाइपेंड मिलता है?
    PM-SETU scheme सीधे तौर पर छात्रों को स्टाइपेंड देने की योजना नहीं है। हालाँकि, उन्नत ITI में उद्योग-लिंक्ड प्रशिक्षण शुरू होने के बाद, छात्रों को प्रशिक्षण के दौरान इंटर्नशिप या अपरेंटिसशिप के माध्यम से आय के अवसर मिल सकते हैं। कुछ राज्यों की अलग योजनाएँ हो सकती हैं, जैसे कि बिहार सरकार की “मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना” जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री ने किया था और जिसमें स्नातक युवाओं को ₹1000 मासिक भत्ता दिया जाता है।
  3. पीएम-सेतु योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
    वर्तमान में, PM-SETU portal login या पीएम सेतु योजना ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सीधे छात्रों के लिए नहीं है। ऑनलाइन प्रक्रिया अभी उद्योग भागीदारों (Anchor Industry Partners) के चयन के लिए चल रही है, जो राज्य सरकारों द्वारा जारी Expression of Interest (EOI) के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं। छात्र भविष्य में, उन्नत हो चुके ITI में प्रवेश लेने के लिए संबंधित ITI या राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
  4. योजना का लाभ किन राज्यों को मिल रहा है?
    यह एक राष्ट्रीय योजना है और धीरे-धीरे सभी राज्यों में लागू की जाएगी। फिलहाल, कर्नाटक, गुजरात, असम और चंडीगढ़ ने उद्योग भागीदारों की तलाश के लिए EOI जारी कर दी है। राजस्थान में भरतपुर क्लस्टर पायलट चरण के तहत पहले से ही चिन्हित है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM-SETU) भारत के कौशल विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह योजना पारंपरिक दृष्टिकोण से हटकर है, जहाँ उद्योग जगत को न सिर्फ भागीदार बनाया गया है बल्कि ड्राइवर की सीट पर बैठाया गया है। ₹60,000 करोड़ के इस विशाल निवेश और हब-एंड-स्पोक मॉडल का उद्देश्य न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की पहुँच सुनिश्चित करना है।
यह योजना देश के युवाओं को दुनिया की कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ITI को कार्यशाला के रूप में विकसित करने का एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करती है। अगर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो PM-SETU Yojana निश्चित रूप से भारत की युवा शक्ति को एक नई दिशा देगी और देश को एक वैश्विक कौशल हब बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी।

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