एनपीएस वत्सल्य योजना: भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में NPS Vatsalya Scheme की घोषणा की है, जो माता-पिता और अभिभावकों के लिए एक अनूठी वित्तीय योजना है। इस पेंशन बचत योजना के तहत, अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) खाता खोल सकते हैं और उनकी भविष्य की वित्तीय सुरक्षा की नींव रख सकते हैं। यह योजना न केवल दीर्घकालिक बचत को बढ़ावा देती है, बल्कि बच्चों में बचत की आदत भी विकसित करती है। नाबालिग के लिए NPS खाता खोलना अब आसान हो गया है, और यह बच्चे के 18 वर्ष का होने पर स्वचालित रूप से नियमित NPS खाते में परिवर्तित हो जाता है।
NPS Vatsalya Scheme क्या है?
NPS Vatsalya Scheme पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा संचालित एक विशेष योजना है, जिसका उद्देश्य माता-पिता को अपने बच्चों के लिए सेवानिवृत्ति बचत शुरू करने में सक्षम बनाना है। यह बच्चों के लिए पेंशन योजना एक दीर्घकालिक निवेश विकल्प प्रदान करती है, जहां अभिभावक बच्चे की ओर से नियमित योगदान कर सकते हैं। NPS for minors की इस अवधारणा का मुख्य लाभ यह है कि बच्चे को वित्तीय योजना और अनुशासन का पाठ जल्दी सीखने का अवसर मिलता है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:
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खाता खोलने का योगदान: न्यूनतम ₹1,000 (अधिकतम कोई सीमा नहीं)
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वार्षिक योगदान: न्यूनतम ₹1,000 प्रति वर्ष
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खाता प्रकार: विशेष रूप से नाबालिगों के लिए डिज़ाइन किया गया
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परिवर्तन: बच्चे के 18 वर्ष के होने पर स्वचालित रूप से नियमित NPS Tier-I खाते में बदल जाता है
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
NPS Vatsalya eligibility काफी सरल और स्पष्ट है:
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नाबालिग बच्चा भारत का नागरिक होना चाहिए
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बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए
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खाता प्राकृतिक या कानूनी अभिभावक द्वारा खोला जाना चाहिए
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अभिभावक को PFRDA के KYC मानदंडों का पालन करना होगा
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यदि अभिभावक कोर्ट द्वारा नियुक्त है, तो अभिभावकत्व के कोर्ट आदेश की प्रति जमा करनी होगी
वत्सल्य योजना के लिए पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सभी दस्तावेज वैध और अपडेटेड होने चाहिए।
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आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
NPS Vatsalya account open करने की प्रक्रिया दो तरीकों से की जा सकती है:
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
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स्टेप 1: NPS ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट https://npstrust.org.in पर जाएं
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स्टेप 2: होम पेज पर “Open NPS Vatsalya” पर क्लिक करें
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स्टेप 3: तीन में से किसी एक CRA (सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी) का चयन करें
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स्टेप 4: नाबालिग और अभिभावक की बुनियादी जानकारी दर्ज करें और OTP प्रमाणीकरण पूरा करें
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स्टेप 5: अभिभावक के KYC विवरण UIDAI या CERSAI डेटाबेस से प्राप्त होंगे
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स्टेप 6: नाबालिग की जन्म तिथि का प्रमाण अपलोड करें
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स्टेप 7: FATCA विवरण, घोषणा और निवेश विकल्प का चयन करें
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स्टेप 8: ईमेल और मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP प्रमाणीकरण करें
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स्टेप 9: न्यूनतम ₹1,000 का प्रारंभिक योगदान करें
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स्टेप 10: सफल भुगतान के बाद PRAN (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) जनरेट होगा
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:
आप PFRDA द्वारा पंजीकृत किसी भी पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) पर जा सकते हैं, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, पेंशन फंड और दलाल आदि शामिल हैं।
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आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
NPS Vatsalya documents की सूची:
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नाबालिग के लिए:
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जन्म प्रमाण पत्र
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आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
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पहचान प्रमाण
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निवास प्रमाण
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अभिभावक के लिए:
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आधार कार्ड
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पैन कार्ड
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पहचान प्रमाण
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निवास प्रमाण
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पासपोर्ट साइज फोटो
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बैंक खाता विवरण
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विशेष मामलों में:
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कोर्ट द्वारा अभिभावक नियुक्ति का आदेश
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माता-पिता की मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
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निवेश विकल्प (Investment Options)
NPS Vatsalya investment के लिए तीन मुख्य विकल्प उपलब्ध हैं:
1. डिफॉल्ट विकल्प:
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मॉडरेट लाइफसाइकल फंड – LC-50
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इक्विटी आवंटन: 50%
2. ऑटो विकल्प:
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आक्रामक लाइफसाइकल फंड – LC-75 (75% इक्विटी)
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मॉडरेट लाइफसाइकल फंड – LC-50 (50% इक्विटी)
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कंजर्वेटिव लाइफसाइकल फंड – LC-25 (25% इक्विटी)
3. एक्टिव विकल्प:
अभिभावक सक्रिय रूप से निवेश आवंटन तय कर सकते हैं:
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इक्विटी: 75% तक
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सरकारी प्रतिभूतियाँ: 100% तक
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कॉर्पोरेट ऋण: 100% तक
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वैकल्पिक परिसंपत्तियाँ: 5% तक
लाभ और विशेषताएं (Benefits and Features)
NPS Vatsalya benefits कई हैं और यह योजना दीर्घकालिक वित्तीय योजना के लिए एक आदर्श विकल्प है:
1. वित्तीय अनुशासन की शुरुआत:
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बच्चे को कम उम्र से ही बचत और निवेश की अवधारणा समझ में आती है
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वित्तीय योजना का महत्व सीखने का अवसर
2. दीर्घकालिक धन संचय:
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लंबी अवधि के कारण चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ
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बाजार जोखिम को कम करने के लिए रुपया लागत औसतन (Rupee Cost Averaging)
3. आंशिक निकासी की सुविधा:
खाता खोलने के कम से कम 3 वर्ष बाद और बच्चे के 18 वर्ष की आयु तक, अभिभावक निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए अधिकतम तीन बार आंशिक निकासी कर सकते हैं:
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बच्चे की शिक्षा के लिए
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निर्दिष्ट बीमारियों के इलाज के लिए
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75% से अधिक विकलांगता की स्थिति में
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PFRDA द्वारा निर्दिष्ट अन्य कारणों के लिए
आंशिक निकासी लाभ पर रिटर्न को छोड़कर, ग्राहक के योगदान का 25% तक की जा सकती है।
4. स्वचालित खाता परिवर्तन:
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बच्चे के 18 वर्ष के होने पर खाता स्वचालित रूप से नियमित NPS Tier-I खाते में बदल जाता है
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नए KYC की आवश्यकता होती है, जो 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने की तिथि से तीन महीने के भीतर पूरा करना होगा
5. लचीला योगदान:
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न्यूनतम योगदान केवल ₹1,000 प्रति वर्ष
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अधिकतम योगदान की कोई सीमा नहीं
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मासिक या वार्षिक योगदान का विकल्प
6. कर लाभ:
NPS में योगदान पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 तक की कटौती का लाभ मिलता है। हालांकि, NPS Vatsalya tax benefits के संदर्भ में विशिष्ट विवरण के लिए कर सलाहकार से परामर्श करना उचित है।
निकासी और बंद करने की शर्तें (Exit and Withdrawal Rules)
NPS Vatsalya withdrawal नियम विशिष्ट परिस्थितियों में भिन्न होते हैं:
1. नाबालिग की मृत्यु की स्थिति में:
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संपूर्ण संचित पेंशन धन अभिभावक को देय होगा
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खाता बंद कर दिया जाएगा
2. अभिभावक की मृत्यु की स्थिति में:
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नए अभिभावक को पंजीकृत किया जा सकता है
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PFRDA द्वारा निर्दिष्ट KYC दस्तावेज जमा करने होंगे
3. दोनों माता-पिता की मृत्यु की स्थिति में:
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कानूनी अभिभावक योगदान के साथ या बिना खाता जारी रख सकता है
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बच्चे के 18 वर्ष का होने पर, वह योजना जारी रखने या बाहर निकलने का विकल्प चुन सकता है
4. सामान्य निकासी:
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बच्चे के 18 वर्ष का होने पर ही निकासी की अनुमति है
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निकासी पर, खाते में उपलब्ध संचित पेंशन धन का कम से कम 80% वार्षिकी खरीदने के लिए उपयोग किया जाएगा
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शेष राशि एकमुश्त भुगतान के रूप में दी जाएगी
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यदि संचित पेंशन धन ₹2,50,000 या उससे कम है, या वार्षिकी उपलब्ध नहीं है, तो पूरी राशि निकाली जा सकती है
अन्य समान योजनाओं के साथ तुलना
NPS Vatsalya vs other schemes की तुलना करने पर कुछ मुख्य अंतर सामने आते हैं:
1. सुकन्य समृद्धि योजना:
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केवल लड़कियों के लिए
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निश्चित ब्याज दर
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21 वर्ष की आयु तक चलती है
2. पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड):
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18 वर्ष से अधिक उम्र के लिए
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15 वर्ष की लॉक-इन अवधि
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सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज दर
3. एनपीएस वत्सल्य:
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लड़के और लड़कियों दोनों के लिए
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बाजार आधारित रिटर्न
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18 वर्ष के बाद स्वचालित रूपांतरण
नाबालिग के लिए NPS का मुख्य लाभ यह है कि यह दीर्घकालिक पेंशन बचत को बढ़ावा देता है, जबकि अन्य योजनाएं अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों पर केंद्रित हैं।
महत्वपूर्ण बातें और सुझाव
NPS Vatsalya Scheme में निवेश करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. निवेश की अवधि:
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यह एक दीर्घकालिक निवेश है
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बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें
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नियमित योगदान जारी रखें
2. जोखिम प्रबंधन:
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बच्चे की आयु और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार निवेश विकल्प चुनें
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युवा बच्चों के लिए अधिक इक्विटी आवंटन पर विचार करें
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आयु बढ़ने के साथ निवेश पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करें
3. नियमित समीक्षा:
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निवेश प्रदर्शन की नियमित समीक्षा करें
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आवश्यकतानुसार निवेश विकल्प बदलें
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PFRDA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर नज़र रखें
4. दस्तावेजों का रखरखाव:
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सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां सुरक्षित रखें
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PRAN नंबर और लॉगिन विवरण संभाल कर रखें
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नियमित रूप से खाता विवरण चेक करें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
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क्या NPS Vatsalya खाते में एक से अधिक बच्चों के लिए योगदान कर सकते हैं?
हाँ, प्रत्येक बच्चे के लिए अलग-अलग खाते खोले जा सकते हैं। -
क्या योगदान की राशि बदली जा सकती है?
हाँ, प्रत्येक वर्ष योगदान की राशि बदली जा सकती है, बशर्ते न्यूनतम ₹1,000 प्रति वर्ष का योगदान दिया जाए। -
बच्चे के 18 वर्ष के होने पर क्या होता है?
खाता स्वचालित रूप से नियमित NPS Tier-I खाते में बदल जाता है, और बच्चे को नया KYC पूरा करना होगा। -
क्या योगदान पर कर लाभ मिलता है?
NPS में योगदान पर कर लाभ मिलते हैं, लेकिन विशिष्ट विवरण के लिए कर सलाहकार से परामर्श करें। -
आंशिक निकासी के लिए क्या प्रक्रिया है?
आंशिक निकासी के लिए संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा, और यह केवल विशिष्ट उद्देश्यों के लिए ही की जा सकती है।









