Project Nexus India: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यानी UPI आज हमारी जिंदगी का ऐसा अहम हिस्सा बन चुका है कि छोटी से छोटी खरीदारी के लिए भी हम बिना सोचे स्कैन कर देते हैं। चाहे सुबह की चाय की दुकान हो या फिर किसी बड़े मॉल में शॉपिंग, UPI ने पैसे के लेन-देन को बेहद आसान और झंझट-मुक्त बना दिया है। गूगल पे, फोनपे, पेटीएम जैसे ऐप्स के जरिए UPI ने हमारी जेब को डिजिटल बना दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब यह सुविधा सिर्फ भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रहने वाली है? नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने अब UPI को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की जो रणनीति तैयार की है, वह वाकई में बेहद महत्वाकांक्षी और दिलचस्प है।
क्यों खास है NPCI की नई रणनीति?
दरअसल, NPCI अब UPI का विस्तार सिर्फ एक-एक देश के साथ अलग-अलग करार करके नहीं करना चाहता, बल्कि वह बड़े ग्लोबल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के साथ सीधा तालमेल बिठाने की पूरी तैयारी में है। इस नई रणनीति का सीधा मतलब यह हुआ कि आने वाले समय में आप दुनिया के किसी भी कोने में हों, बस अपना UPI ऐप खोलिए और तुरंत भुगतान कीजिए, बिल्कुल उसी आसानी से जैसे आप अपने शहर की किराना दुकान या ठेले वाले को पैसे देते हैं। यह सिर्फ एक सपना नहीं है, बल्कि हकीकत की जमीन पर उतरता हुआ एक बड़ा बदलाव है।









