नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष (West Asia Conflict) और उससे उत्पन्न आपूर्ति बाधाओं के बीच देश के कई हिस्सों से रसोई गैस (LPG सिलेंडर ) की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच उपभोक्ताओं में घबराहट और पैनिक बुकिंग (Panic Booking) के मामले भी सामने आए हैं। इन रिपोर्ट्स के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने बुधवार को साफ किया कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आम लोगों को बिना वजह LPG सिलेंडर बुक करने से बचना चाहिए।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया को बताया कि घरेलू LPG सिलेंडर की सामान्य डिलीवरी अवधि (Delivery Cycle) 2.5 दिन की है, जो पहले की तरह बरकरार है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “कुछ गलत सूचनाओं के चलते लोग पैनिक बुकिंग कर रहे हैं। हम आम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे ऐसा न करें।”

क्यों बढ़ी LPG की मांग और क्या है असली वजह?
पिछले कुछ दिनों से ईरान और इजराइल-अमेरिका गठबंधन के बीच बढ़ी तनातनी के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाला समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। यह रास्ता दुनिया की सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति नसों में से एक है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आयात इसी रास्ते से होता है ।
सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में हुए उछाल का कुछ हिस्सा सरकार ने खुद वहन किया है, ताकि आम आदमी पर बोझ न पड़े। उन्होंने बताया कि दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत फिलहाल ₹913 है। उन्होंने कहा, “हाल ही में सिलेंडर पर 60 रुपये का बढ़ोतरी हुई है। अगर सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक होता” । यह सरकार की उस नीति को दिखाता है, जिसमें वह वैश्विक संकट के समय आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास करती है।
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सरकार की तैयारी: उत्पादन बढ़ा, जरूरी कानून लागू
LPG सिलेंडर की पैनिक बुकिंग खबरों के बीच सरकार ने यह भी आंकड़े पेश किए कि वह स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। संयुक्त सचिव ने बताया कि सरकार ने रिफाइनरियों को घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह अतिरिक्त उत्पादन सीधे घरेलू उपभोक्ताओं की आपूर्ति के लिए लगाया जा रहा है ।
इसके अलावा, सरकार ने एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई और कदम उठाए हैं:
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आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू: सरकार ने 6 मार्च को ही आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू कर दिया था। इसके तहत तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को निर्देश दिया गया कि वे करीब 33 करोड़ घरेलू कनेक्शनों के साथ-साथ अस्पतालों और स्कूलों की आपूर्ति को औद्योगिक उपभोक्ताओं पर प्राथमिकता दें ।
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रिफिल चक्र बढ़ाया गया: होर्डिंग और कालाबाजारी रोकने के लिए LPG सिलेंडर बुक करने की न्यूनतम अवधि (Inter-booking period) को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ।
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डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC): डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर सिलेंडरों की डायवर्जन रोकने के लिए DAC सिस्टम को मजबूत किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि LPG सिलेंडर सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे ।
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निगरानी समिति: एलपीजी स्टॉक पर नजर रखने और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (जैसे होटल, रेस्टोरेंट) की शिकायतों पर विचार करने के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है ।









