Infosys Buyback 2025: इन्फोसिस का बड़ा कदम, 11 सितंबर को बोर्ड मीटिंग में होगा फैसला

भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी इन्फोसिस (Infosys) एक बार फिर से शेयर बायबैक (Share Buyback) का ऐलान करने की तैयारी कर रही है। Infosys Buyback 2025 की चर्चा शेयर बाजार में चारों तरफ फैल गई है कंपनी ने बताया है कि उसकी बोर्ड मीटिंग 11 सितंबर 2025 को होगी, जिसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा और मंजूरी दी जा सकती है। निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि तीन साल बाद कंपनी इस तरह की घोषणा करने जा रही है।

 

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पिछली बार कब हुआ था बायबैक?

इन्फोसिस ने पिछली बार साल 2022 में बायबैक प्रोग्राम चलाया था। उस समय कंपनी ने लगभग ₹9,300 करोड़ के शेयर बाजार से खरीदे थे। यह ऑफर दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 तक चला था। इस दौरान कंपनी ने करीब 5.027 करोड़ शेयर ओपन मार्केट से वापस खरीदे थे और प्रति शेयर की अधिकतम कीमत ₹1,850 तय की गई थी।

मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि बायबैक के जरिए कंपनी अपनी मजबूत बैलेंस शीट और निवेशकों को वैल्यू रिटर्न करने की क्षमता दिखाना चाहती है।

 

शेयर बायबैक का मतलब और फायदे

  1. शेयर बायबैक (Share Buyback) का मतलब है कि कोई कंपनी अपने शेयरधारकों से शेयर वापस खरीद लेती है। इससे कई फायदे होते हैं:
  2. EPS (Earnings Per Share) में सुधार: बाजार में शेयरों की संख्या घटने से प्रति शेयर मुनाफा ज्यादा दिखता है।

3. शेयर प्राइस को सपोर्ट: बायबैक की खबर से अक्सर स्टॉक में तेजी देखने को मिलती है।

4. प्रमोटर की हिस्सेदारी मजबूत: इससे कंपनी का कंट्रोल भी सुरक्षित रहता है।

5. निवेशकों को भरोसा: बायबैक निवेशकों को यह संदेश देता है कि कंपनी के पास पर्याप्त कैश है और वह शेयरधारकों का ख्याल रखती             है।

 

Infosys Share Price का हाल

  • हाल के महीनों में Infosys का शेयर दबाव में रहा है।
  • 8 सितंबर को यह शेयर ₹1,436.10 पर बंद हुआ, जो दिनभर में 0.59% की गिरावट थी।
  • पिछले 1 महीने में स्टॉक लगभग फ्लैट रहा है।
  • 6 महीने में इसमें 15.60% की गिरावट आई है।
  • पिछले एक साल में यह स्टॉक करीब 24% नीचे आ चुका है।
  • फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹5.95 लाख करोड़ है। वहीं, इसका 52 हफ्तों का हाई ₹2,006.45 और लो ₹1,307 रहा है।

इन्फोसिस का बिजनेस मॉडल

इन्फोसिस केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की अग्रणी आईटी कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी की सेवाओं में शामिल हैं:

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

क्लाउड सर्विसेज

डेटा एनालिटिक्स

साइबर सिक्योरिटी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉल्यूशंस

कंपनी का लक्ष्य ग्लोबल क्लाइंट्स को टेक्नोलॉजी के जरिए ज्यादा कुशल और लाभदायक बनाना है।

 

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

निवेशकों के लिए बायबैक हमेशा एक पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है।

यदि प्रस्ताव पास हो जाता है, तो मौजूदा शेयरधारकों को बेहतर वैल्यू मिल सकती है।

लंबी अवधि में शेयर प्राइस को सपोर्ट मिलेगा।

EPS में सुधार से कंपनी की वित्तीय स्थिति और आकर्षक दिखेगी।

मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर फिलहाल ग्लोबल डिमांड प्रेशर से गुजर रहा है, लेकिन इन्फोसिस जैसी बड़ी कंपनियां बायबैक जैसे कदमों के जरिए निवेशकों का भरोसा बनाए रख सकती हैं।

 

FAQs: Infosys Buyback 2025

Q1. इन्फोसिस का बोर्ड बायबैक पर कब फैसला करेगा?
 11 सितंबर 2025 को होने वाली बोर्ड मीटिंग में इस पर चर्चा होगी।

Q2. पिछली बार कब हुआ था बायबैक?
 दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 तक ₹9,300 करोड़ का बायबैक प्रोग्राम चला था।

Q3. निवेशकों के लिए बायबैक क्यों फायदेमंद है?
इससे शेयर की वैल्यू बढ़ती है, EPS बेहतर होता है और कंपनी निवेशकों को कैश रिटर्न करती है।

Q4. Infosys का मौजूदा शेयर प्राइस कितना है?
8 सितंबर को यह ₹1,436.10 पर बंद हुआ।

 

निष्कर्ष

Infosys Buyback 2025 को लेकर निवेशकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। तीन साल बाद कंपनी एक बार फिर इस कदम की तैयारी कर रही है। अगर बोर्ड की मंजूरी मिल जाती है, तो यह न केवल शेयरधारकों के लिए फायदेमंद होगा बल्कि स्टॉक मार्केट में भी कंपनी को पॉजिटिव सपोर्ट मिलेगा।

 

 

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। HINDI AWAAZ की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

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