Demon Slayer Infinity Castle Review in Hindi – जापानी ऐनिमे सीरीज़ Demon Slayer का नया चैप्टर बड़े पर्दे पर उतारा गया है। अगर इसकी एडवांस बुकिंग की बात की जाए तो 2025 में एडवांस बुकिंग के मामले में तीसरे नंबर पर आती है इसकी एडवांस बुकिंग 200000 टिकट पहले से ही बिक चुके थे लेकिन फिल्म उम्मीद पर खड़ी नहीं उतरती है।

इस फिल्म का नाम Ifinity Castle है। सुनने में नाम जितना बड़ा लगता है, फिल्म का अनुभव भी उतना ही लंबा और कभी-कभी थका देने वाला हो जाता है।
लंबी फिल्म, लेकिन बेसर
फिल्म की लंबाई करीब 155 मिनट है। यानी यह लगभग पाँच एपिसोड देखने के बराबर है। अगर कहानी कसकर लिखी जाती तो यह टाइम भी छोटा लगता, लेकिन यहाँ मामला उल्टा हो गया। शुरूआत में दर्शक उत्साहित थे, लेकिन धीरे-धीरे थिएटर में बातचीत और ऊब साफ नजर आई।
डायरेक्टर Haruo Sotozaki ने पूरी कोशिश की है कि ऐनिमे सीरीज़ की ताकत को बड़े पर्दे पर उतारें, लेकिन हर जगह वह सफल नहीं हो पाए। कई जगह कहानी खिंचती है और बार-बार आने वाले फ्लैशबैक फिल्म की पकड़ ढीली कर देते हैं।
कहानी का बैकग्राउंड
फिल्म की दुनिया वही है जहाँ इंसान और डेमन के बीच सदियों से जंग चल रही है और एक दूसरे पर विजय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। डेमन के नेता Muzan Kibutsuji हैं, जबकि इंसानों की ओर से Demon Slayer Corps लड़ाई लड़ रहा है। इस संगठन के सबसे मजबूत योद्धा Hashira कहलाते हैं।

Tanjiro इस कहानी का हीरो है। उसका मिशन कई स्तरों पर है
- सबसे महान Hashira बनना,
- अपनी बहन को फिर से इंसान बनाना,
- पिता की सच्चाई जानना,
- और परिवार की मौत का बदला लेना।
इसके अलावा पुराने Hashira लगातार उस पर नजर रखते हैं, यानी Tanjiro हर वक्त एक परीक्षा में जी रहा है।
Zenitsu ने संभाली फिल्म
अगर कोई किरदार इस फिल्म को कुछ समय तक संभालता है, तो वह है Zenitsu। आमतौर पर यह किरदार सोते-सोते ही लड़ता है, लेकिन इस बार वह पूरी तरह जागा हुआ है और बदला लेने को तैयार है। उसका मुकाबला अपने ही सीनियर Kaigaku से है, जिसने डेमन बनकर गुरू को धोखा दिया था।
Zenitsu का यह फाइट सीन शानदार है। इसमें रोमांच भी है और चुनौती भी। न तो लड़ाई बहुत आसान लगती है और न ही पूरी तरह नामुमकिन। यही बैलेंस इस सीन को यादगार बना देता है।
Akaza बना दमदार विलेन
फिल्म में Akaza एक और मजबूत किरदार के रूप में सामने आता है। उसकी लड़ाई Tanjiro को और चमकने का मौका देती है। इस फाइट में कई ट्विस्ट आते हैं—टूटी तलवार, छिपी ताकतें और Hashira की हार। हालांकि आखिर में Akaza खुद अपनी जान ले लेता है।

उसकी बैकस्टोरी भी दिखाई गई है ताकि दर्शक समझ पाएं कि उसने यह रास्ता क्यों चुना। लेकिन यही समस्या भी है—इतने सारे फ्लैशबैक कि असली कहानी बार-बार पटरी से उतर जाती है।
ज्यादा फ्लैशबैक, कहानी बेसर
हर किरदार की ताकत, हर तलवार का राज, हर मूव की कहानी—सब समझाया गया है। डायरेक्टर का मकसद था कि दर्शक इन सीन्स को और गहराई से समझें। लेकिन बार-बार रुकने से रोमांच टूट जाता है। ऐसा लगता है जैसे कोई दोस्त फिल्म दिखाते समय हर फ्रेम रोककर समझाने लगे। यही इस फिल्म का सबसे बड़ी कमी रही तथा दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में असफल रही।
फिक्स और म्यूजिक शानदार
अगर फिल्म की एक बड़ी ताकत है तो वह है एनीमेशन और म्यूजिक। ग्राफिक्स इतने खूबसूरत हैं कि आप स्क्रीन से नजर नहीं हटा पाते। खासकर Zenitsu, Tanjiro और Giyu के फाइट सीक्वेंस वाकई लाजवाब हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक भी माहौल को और जोरदार बना देता है।

क्लाइमेक्स की कहानी कमजोर
इतनी लंबी जंग और भावनाओं के बाद भी फिल्म का अंत साधारण लगता है। Tanjiro टूटा हुआ और थका दिखता है। दर्शक भी उतने ही थक जाते हैं। और सबसे बड़ी बात, कहानी अभी पूरी भी नहीं हुई। अब अगले पार्ट का इंतजार करना होगा।
निष्कर्ष
Demon Slayer Infinity Castle में दमदार ग्राफिक्स, शानदार म्यूजिक और कुछ बेहतरीन फाइट सीन हैं। खासकर Zenitsu की कहानी और Akaza का विलेन अवतार दिल जीतते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा फ्लैशबैक और खिंचती हुई लंबाई फिल्म को कमजोर बना देती है।
यह फिल्म उन दर्शकों के लिए है जो Demon Slayer फ्रैंचाइज़ के पक्के फैन हैं। बाकी दर्शकों के लिए यह अनुभव थोड़ा भारी और थकाने वाला साबित हो सकता है।
रेटिंग: ⭐⭐✨ (2.5/5)
स्टार कास्ट: Natsuki Hanae, Takahiro Sakurai, Saori Hayami, Akira Ashida, Hiro Shimono
डायरेक्टर: Haruo Sotozaki
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