आपने हाल ही में खबर सुनी होगी कि ट्रांसयूनियन सिबिल (TransUnion CIBIL) अब आपके आधार जानकारी का इस्तेमाल वेरिफिकेशन के लिए कर सकता है। अगर आपके मन में यह सवाल है कि क्या ऐसा करने के लिए आपकी इजाजत जरूरी है, तो इसका सीधा जवाब है- हां। सरकार ने हाल ही में इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें साफ तौर पर यूजर की सहमति (User Consent) को अनिवार्य बताया गया है।
यह नियम क्यों लाया गया है, इसका आपके क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) पर क्या असर होगा, और आपके पास क्या विकल्प हैं, आइए इस आर्टिकल में हर छोटी बात को आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है सरकार का नया नोटिफिकेशन?
वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने 25 फरवरी 2026 को एक अधिसूचना जारी की। इसके तहत ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड को आधार नंबर का इस्तेमाल करके यूजर्स की पहचान सुनिश्चित करने की इजाजत दी गई है। यह अनुमति मुख्य रूप से यूजर्स को उनकी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (Credit Report) तक पहुंच प्रदान करने के लिए दी गई है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) से सलाह-मशविरा करने के बाद यह मंजूरी दी है। यह पूरी प्रक्रिया आधार (टार्गेटेड डिलीवरी ऑफ फाइनेंशियल एंड अदर सब्सिडीज, बेनिफिट्स एंड सर्विसेज) एक्ट, 2016 और आधार ऑथेंटिकेशन फॉर गुड गवर्नेंस रूल्स, 2020 के तहत वैध है।
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क्या सिबिल के लिए आधार देना जरूरी है? (Is Aadhaar mandatory for CIBIL?)
नहीं, आधार देना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। सरकार ने अपनी अधिसूचना में इसे पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) रखा है। इसका मतलब है कि आप चाहें तो आधार से वेरिफाई करा सकते हैं और चाहें तो दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। सिबिल आपको इसके लिए मजबूर नहीं कर सकता।
यूजर कंसेंट (User Consent) क्यों है जरूरी?
यह सबसे अहम सवाल है। नोटिफिकेशन में साफ तौर पर लिखा गया है कि ट्रांसयूनियन सिबिल आधार नंबर धारक की सहमति के बिना किसी भी तरह की ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता। इसका मतलब है कि जब भी आप सिबिल की वेबसाइट या ऐप पर रजिस्ट्रेशन या लॉगिन करेंगे, और अगर कंपनी आधार से वेरिफाई करना चाहती है, तो सबसे पहले वह आपसे इजाजत मांगेगी। आपके हां कहने के बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी।
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आधार की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं ये दस्तावेज
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अगर कोई यूजर आधार नहीं देना चाहता या किन्हीं कारणों से आधार ऑथेंटिकेशन नहीं करा पाता, तो उसे सेवा से वंचित न रहना पड़े। ऐसे में सिबिल को यूजर के सामने दूसरे विकल्प रखने होंगे। ये विकल्प हैं:
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पैन कार्ड (Permanent Account Number Card): यह सबसे कॉमन विकल्प है और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए जरूरी भी है।
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पासपोर्ट (Passport)
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वोटर आइडेंटिटी कार्ड (Voter ID Card): चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र।
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ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License): मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत जारी लाइसेंस।
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राशन कार्ड (Ration Card)
सरकार ने साफ कहा है कि सिर्फ इसलिए कि आपने आधार का इस्तेमाल नहीं किया, सिबिल आपको अपना क्रेडिट स्कोर या रिपोर्ट देने से मना नहीं कर सकता।
सिबिल क्यों ला रहा है आधार ऑथेंटिकेशन?
सरकारी बयान के मुताबिक, आधार ऑथेंटिकेशन का मकसद प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है। फिलहाल सिबिल पर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन के दौरान आपको कई दस्तावेज देने पड़ते हैं। अगर आधार का इस्तेमाल होता है तो यह प्रक्रिया सिंगल-पॉइंट वेरिफिकेशन की तरह काम करेगी।
यूआईडीएआई के मुताबिक, आधार ऑथेंटिकेशन का मतलब है कि आपका आधार नंबर और आपकी दी गई जानकारी (जैसे OTP या बायोमेट्रिक) सीधे UIDAI के सेंट्रल डेटाबेस (CIDR) में जाकर मैच की जाती है। यह वेरिफिकेशन रियल-टाइम में होता है और इसके जवाब में सिर्फ “हां” या “नहीं” में जानकारी मिलती है, जिससे आपकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
क्या बदलेगा सिबिल स्कोर चेक करने का तरीका?
फिलहाल सिबिल स्कोर चेक करने का तरीका वही रहेगा। आधार सिर्फ आपकी पहचान सुनिश्चित करने का एक नया जरिया होगा। आमतौर पर सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, जिससे लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में आसानी होती है। यह स्कोर आपके पेमेंट हिस्ट्री, लोन अमाउंट और क्रेडिट यूटिलाइजेशन जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करता है और हर 30-45 दिनों में अपडेट होता है।
अगर आप नए यूजर हैं, तो आपको सिबिल की आधिकारिक वेबसाइट (transunioncibil.com) पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको पैन कार्ड, नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी बुनियादी जानकारी देनी होगी।
नोटिफिकेशन की खास बातें एक नजर में
विषय |
सरकारी नियम के मुताबिक स्थिति |
|---|---|
क्या आधार अनिवार्य है? |
बिल्कुल नहीं, यह पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) है। |
क्या यूजर की इजाजत जरूरी है? |
हां, ट्रांसयूनियन सिबिल आपकी सहमति (Consent) के बिना आधार वेरिफिकेशन नहीं कर सकता। |
आधार न देने पर क्या होगा? |
सिबिल आपको सेवा देने से मना नहीं कर सकता। आप दूसरे विकल्प (जैसे PAN, passport) का इस्तेमाल कर सकते हैं। |
कहां होगा इस्तेमाल? |
सिर्फ CIBIL प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन के दौरान यूजर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए। |
कानूनी आधार क्या है? |
आधार एक्ट 2016 और आधार ऑथेंटिकेशन फॉर गुड गवर्नेंस रूल्स, 2020। |
कब से लागू? |
यह नोटिफिकेशन 25 फरवरी 2026 को जारी किया गया है। |








