CBSE Board Exam 2026: 15 फरवरी तक की सारी अपडेट और जरूरी जानकारी एक साथ

CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने में अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। 17 फरवरी से शुरू हो रही इन परीक्षाओं को लेकर इस बार छात्रों, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के बीच काफी चर्चा है। पिछले हफ्ते 13 फरवरी को CBSE ने एक लाइव वेबकास्ट का आयोजन किया था, जिसमें बोर्ड ने इस साल हो रहे तीन सबसे बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आज हम उसी वेबकास्ट और सीबीएसई की तरफ से जारी की गई नई गाइडलाइंस को आसान भाषा में समझने की कोशिश करेंगे।
इस साल CBSE से जुड़े करीब 31 हजार स्कूलों के 46 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे। देशभर में 8074 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर होने वाली परीक्षाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बोर्ड ने जो तैयारियां की हैं, उनमें डिजिटल तकनीक को सबसे ज्यादा अहमियत दी गई है। 13 फरवरी को हुए इस लाइव वेबकास्ट में सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह ने भी सभी प्रिंसिपल और शिक्षकों को संबोधित किया और इन बदलावों को लागू करने में स्कूलों की अहम भूमिका पर जोर दिया।
CBSE Board Exam 2026: 15 फरवरी तक की सारी अपडेट
CBSE Board Exam 2026: 15 फरवरी तक की सारी अपडेट

 

कक्षा दसवीं के छात्रों के लिए दूसरी बोर्ड परीक्षा का ऑप्शन

CBSE ने इस साल कक्षा दस के छात्रों को सबसे बड़ा तोहफा दिया है। अब छात्र एक साल में दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। यह व्यवस्था पूरी तरह से नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 की सिफारिशों पर आधारित है। पहली परीक्षा तो 17 फरवरी से शुरू हो रही है, जो सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है। लेकिन अगर किसी छात्र को लगता है कि वह पहली परीक्षा में अपना बेस्ट परफॉर्मेंस नहीं दे पाया, तो उसके लिए दूसरा मौका मई या जून के महीने में होगा।
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इसका सबसे अच्छा पक्ष यह है कि बोर्ड आपके दोनों अटेम्प्ट में से जो भी बेहतर स्कोर होगा, उसे ही फाइनल रिजल्ट में शामिल करेगा। मतलब अगर किसी छात्र के पहली परीक्षा में 70 फीसदी अंक आए और दूसरी में 85 फीसदी, तो उसे 85 फीसदी के आधार पर ही सर्टिफिकेट मिलेगा। यह व्यवस्था छात्रों के ऊपर से एक साथ बेहतर करने का दबाव काफी हद तक कम कर देगी। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि दूसरी परीक्षा भी पूरे सिलेबस पर ही होगी, इसमें सिलेबस में कोई कटौती नहीं की गई है।

बारहवीं कक्षा में ऑन-स्क्रीन मार्किंग की शुरुआत

इस साल सीबीएसई ने कक्षा बारहवीं की कॉपियों के मूल्यांकन के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब कॉपियां जांचने का काम पूरी तरह डिजिटल होगा। इसे ऑन-स्क्रीन मार्किंग या ओएसएम (OSM) नाम दिया गया है। इस व्यवस्था में परीक्षा खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स की उत्तर पुस्तिकाओं को हाई स्पीड स्कैनर से स्कैन किया जाएगा। यहां तक कि खाली पन्नों को भी स्कैन किया जाएगा ताकि यह पक्का हो सके कि कोई भी पेज गायब न हो। इसके बाद ये सारी कॉपियां सुरक्षित सर्वर पर अपलोड कर दी जाएंगी।
अब सबसे दिलचस्प बात यह है कि जो शिक्षक कॉपियां जांचेंगे, उन्हें कहीं जाना नहीं पड़ेगा। वे अपने स्कूल में बैठे-बैठे ही कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपी देखेंगे और अंक देंगे। इससे मूल्यांकन का समय भी कम होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सीबीएसई का कहना है कि इस बार नंबर जोड़ने या फिर किसी सवाल को अनजाने में छोड़ देने जैसी गलतियां बिल्कुल नहीं होंगी क्योंकि सिस्टम खुद ही यह सुनिश्चित करेगा कि हर सवाल जांचा गया है और नंबरों का जोड़ सही है।
इस डिजिटल मार्किंग का एक और फायदा यह होगा कि रिजल्ट आने के बाद जो मार्क्स वेरिफिकेशन का चलन है, उसकी जरूरत अब नहीं रहेगी। बोर्ड ने साफ कहा है कि चूंकि डिजिटल सिस्टम में गलती की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है, इसलिए रिजल्ट के बाद वेरिफिकेशन की मांग करने का कोई मतलब नहीं बचता। हालांकि यह सुविधा फिलहाल सिर्फ बारहवीं कक्षा के लिए है। दसवीं की कॉपियां पुराने तरीके से ही जांची जाएंगी।

दसवीं के विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के पेपर का नया फॉर्मेट

इस साल कक्षा दस के जो छात्र साइंस और सोशल साइंस की परीक्षा दे रहे हैं, उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका लिखते समय बेहद सावधानी बरतनी होगी। बोर्ड ने इन दोनों विषयों के पेपर पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। अब साइंस के पेपर को तीन हिस्सों में बांटा गया है – फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी। इसी तरह सोशल साइंस के पेपर को चार हिस्सों में बांटा गया है – हिस्ट्री, जियोग्राफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स।
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छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका में भी इन्हीं हिस्सों के हिसाब से जवाब लिखने होंगे। मान लीजिए अगर हिस्ट्री के सेक्शन के सवालों के जवाब आप भूगोल वाले हिस्से में लिख देंगे, तो उन सवालों के लिए आपको शून्य अंक मिल सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अलग-अलग सेक्शन की कॉपियां अलग-अलग एक्सपर्ट टीचर्स जांचेंगे। अगर फिजिक्स का टीचर केमिस्ट्री का जवाब देखेगा, तो वह उसे जांच नहीं पाएगा। इसलिए बोर्ड ने साफ निर्देश दिया है कि छात्र पहले पूरा पेपर पढ़ें, फिर तय करें कि किस सेक्शन का जवाब कहां लिखना है और उसी हिसाब से अपनी उत्तर पुस्तिका के पन्ने अलग-अलग कर लें।

स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश और लाइव वेबकास्ट की अहमियत

13 फरवरी को हुए लाइव वेबकास्ट में सीबीएसई ने सभी स्कूलों को कई जरूरी निर्देश दिए थे। इस वेबकास्ट को देखना सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य था। खास बात यह रही कि इसे सिर्फ प्रिंसिपल को ही नहीं, बल्कि कक्षा नौ से बारह तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों और परीक्षा से जुड़े हर स्टाफ मेंबर को देखना था। इसका मकसद यह था कि हर कोई नई व्यवस्था को अच्छी तरह समझ ले और परीक्षा के दौरान किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।
इस वेबकास्ट के बाद स्कूलों को ASAR ऐप पर एक जियोटैग्ड फोटो भी अपलोड करनी थी, जिसमें वेबकास्ट देखने वाले सभी शिक्षक दिख रहे हों। साथ ही यह भी बताना था कि कितने शिक्षकों ने इसमें हिस्सा लिया। अगर किसी स्कूल या शिक्षक के मन में अब भी कोई सवाल है, तो वे सीबीएसई की आधिकारिक ईमेल आईडी info.cbseexam@cbsehshksha.in पर अपने सवाल भेज सकते हैं। बोर्ड ने वादा किया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले हर सवाल का जवाब दे दिया जाएगा।

परीक्षा केंद्रों पर क्या होंगे इंतजाम

सीबीएसई ने सभी परीक्षा केंद्रों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। छात्रों को समय से कम से कम आधा घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। एडमिट कार्ड के बिना किसी भी छात्र को एंट्री नहीं मिलेगी। साथ ही बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की इजाजत नहीं होगी।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर पानी, बिजली और साफ-सफाई का खास ध्यान रखने को कहा गया है। खासतौर पर गर्मी के मौसम को देखते हुए पीने के पानी और पंखों की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जो छात्र फिजिकल चैलेंज का सामना कर रहे हैं, उनके लिए अलग से व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

छात्रों को किन बातों का रखना होगा ध्यान

सबसे जरूरी बात यह है कि छात्र अपना एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी जरूर साथ लेकर जाएं। एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें और उनका पालन करें। खासतौर पर ड्रेस कोड का ध्यान रखें। कई स्कूलों ने अपना ड्रेस कोड तय किया है, उसी के मुताबिक कपड़े पहनकर जाना है। कोशिश करें कि हल्के और सूती कपड़े पहनें ताकि गर्मी में परेशानी न हो।
परीक्षा हॉल में अलग-अलग विषयों के पेपर के लिए बैठने की व्यवस्था अलग-अलग हो सकती है। इसलिए रोल नंबर के हिसाब से अपनी सीट ढूंढ लें और वहीं बैठें। कॉपी मिलने के बाद सबसे पहले उस पर अपना रोल नंबर, सीट नंबर और दूसरी जरूरी जानकारी सही से भरें। कक्षा दस के छात्र साइंस और सोशल साइंस के पेपर में सेक्शन के हिसाब से जवाब लिखना न भूलें।

आखिरी दो दिनों में कैसे करें तैयारी

अब परीक्षा शुरू होने में सिर्फ दो दिन बचे हैं, ऐसे में नया कुछ पढ़ने की बजाय जो पढ़ा है, उसे दोहराना ज्यादा फायदेमंद होगा। CBSE ने अपनी वेबसाइट पर सैंपल पेपर और पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर डाले हैं, उन्हें जरूर देखें। इससे पेपर का पैटर्न समझ में आएगा और टाइम मैनेजमेंट का अंदाजा होगा।
रात को देर तक पढ़ने की बजाय पर्याप्त नींद लें ताकि सुबह तरोताजा महसूस करें। परीक्षा से एक रात पहले वही सब्जेक्ट पढ़ें जिसका अगले दिन पेपर है, लेकिन बहुत ज्यादा न पढ़ें। हल्का-फुल्का रिवीजन ही काफी है। सुबह नाश्ता जरूर करके जाएं, खाली पेट परीक्षा देने से कमजोरी महसूस हो सकती है। समय से कम से कम एक घंटा पहले घर से निकलें ताकि रास्ते में किसी तरह की देरी होने पर भी समय पर पहुंच सकें।

अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव

अभिभावकों की भूमिका इस समय सबसे अहम हो जाती है। बच्चों पर ज्यादा दबाव न डालें और न ही उनसे ज्यादा उम्मीदें लगाएं। उन्हें यह भरोसा दिलाएं कि वे जो भी करेंगे, आप उनके साथ हैं। परीक्षा के दिनों में घर का माहौल शांत और सकारात्मक रखें। बच्चों की डाइट का खास ध्यान रखें, तला-भुना और भारी खाना खाने से बचें। हल्का और पौष्टिक खाना दें जिससे उनका दिमाग तेजी से काम करे।
बच्चों को समय पर सुलाने की आदत डालें ताकि उनकी नींद पूरी हो सके। सुबह जल्दी उठने की आदत डालें ताकि परीक्षा के दिन उन्हें कोई परेशानी न हो। बच्चों से पॉजिटिव बातें करें और उनका हौसला बढ़ाएं। उन्हें यह अहसास दिलाएं कि परीक्षा जीवन का सबसे जरूरी हिस्सा है, लेकिन पूरा जीवन नहीं है।

अंतिम बात

CBSE Board Exam, 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं और 10 अप्रैल तक चलेंगी। इस बार के बदलाव छात्रों के हित में किए गए हैं। ऑन-स्क्रीन मार्किंग से नंबरों में गलती की संभावना खत्म हो जाएगी तो दूसरी बोर्ड परीक्षा के ऑप्शन से छात्रों को अपना बेस्ट देने का मौका मिलेगा। कक्षा दस के छात्रों को बस नए पेपर पैटर्न को समझना होगा और सेक्शन के हिसाब से जवाब लिखने का अभ्यास करना होगा।
13 फरवरी को हुए लाइव वेबकास्ट में सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि हर स्तर पर पूरी तैयारी है। अब जरूरत है तो सिर्फ छात्रों के आत्मविश्वास और मेहनत की। बोर्ड ने सभी स्कूलों और शिक्षकों को भी पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। अगर फिर भी किसी तरह की कोई दिक्कत या सवाल हो तो सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट या ईमेल पर संपर्क किया जा सकता है।
सभी छात्रों को शुभकामनाएं कि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें और अपने लक्ष्य को हासिल करें। याद रखें, परीक्षा सिर्फ एक प्रक्रिया है, आपकी काबिलियत इससे कहीं ज्यादा है। बस पूरी तैयारी के साथ जाएं और अपना बेस्ट दें।

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