UNION BUDGET 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश किया गया यूनियन बजट 2026, ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप पर एक ठोस कदम है। यह बजट सीधे तौर पर देश की रीढ़ यानी किसानों और भविष्य की नींव यानी युवाओं व छात्रों को केंद्र में रखकर बनाया गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि बजट 2026 में आपके लिए क्या खास है, तो यह लेख आपके लिए ही है। हम यहाँ बजट 2026 के की हाइलाइट्स को सरल हिंदी में और विस्तार से समझाएंगे।

बजट 2026: क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा? (आपकी जेब पर असर)
हर साल की तरह, इस बार भी लोगों की पहली दिलचस्पी यही है कि अब किस चीज का खर्च बढ़ेगा और किस पर राहत मिलेगी। यूनियन बजट 2026 में सरकार ने स्वास्थ्य और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन देते हुए कुछ चीजों को सस्ता किया है, वहीं लक्ज़री आइटम्स पर अंकुश लगाया है।
सस्ता हुआ (Relief):
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दवाइयाँ: कैंसर और डायबिटीज (शुगर) की कुछ महत्वपूर्ण दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है, जिससे इनकी कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। यह लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
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खेल व फिटनेस: भारत में खेल अभियान को और तेज करने के लिए खेल के सामान (Sports Equipment) और फिटनेस उपकरणों पर टैक्स में छूट दी गई है।
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हरित ऊर्जा: सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ पुर्जों और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की बैटरी सेल्स पर शुल्क कम किया गया है। इससे सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक कारें थोड़ी और सस्ती होंगी।
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कृषि उपकरण: ड्रिप इरिगेशन और प्रिसिजन फार्मिंग में इस्तेमाल होने वाले कुछ आधुनिक कृषि उपकरणों पर सरकार ने रियायत दी है, जिससे किसानों को कम खर्च में बेहतर खेती करने में मदद मिलेगी।
महंगा हुआ (Costlier):
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आयातित शराब (Imported Liquor): विदेशी शराब और इसकी बोतलों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिस विदेशी शराब और महंगी हो जाएगी
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कुछ आयातित मशीनें: कुछ खास तरह की आयातित मशीनरी पर शुल्क बढ़ाया गया है, ताकि भारत में बनी मशीनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग हो सके और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले।
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स्क्रैप मटीरियल: पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, कुछ खास तरह के स्क्रैप के आयात पर नियंत्रण किया गया है।
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किसानों के लिए बजट 2026 में बड़े ऐलान: आमदनी बढ़ाने पर जोर
किसानों के लिए यह बजट सिर्फ कर्ज माफी से आगे बढ़कर उनकी आय दोगुनी करने के ठोस उपाय लेकर आया है। बजट 2026 में किसानों के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है।
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कोकोनट प्रोत्साहन योजना: इस नई योजना के तहत, नारियल की खेती करने वाले लगभग 1 करोड़ किसानों को सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी। इसका मकसद नारियल उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आमदनी में इजाफा करना है। तटीय इलाकों के किसानों के लिए यह एक बहुत बड़ी योजना साबित हो सकती है।
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हाई-वैल्यू कैश क्रॉप्स पर फोकस: पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अब किसानों को महंगी फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। काजू, कोको, चंदन और औषधीय पौधों जैसी फसलों के लिए अलग से मिशन शुरू किया जाएगा। इन फसलों से किसानों की आय में कई गुना बढ़ोतरी संभव है।
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डिजिटल और AI आधारित खेती में भारी निवेश: बजट 2026 में डिजिटल खेती को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड आवंटित किया गया है। इसके तहत किसानों को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से चलने वाले स्मार्ट उपकरण, सॉइल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम और ड्रोन तकनीक सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पैदावार बढ़ेगी और लागत कम होगी।
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नीली क्रांति को नई ऊर्जा (मछली पालन): मत्स्य पालन करने वाले किसानों के लिए भी अच्छी खबर है। देश भर के 500 जलाशयों और ‘अमृत सरोवरों’ को विशेष तौर पर विकसित करके मछली पालन के लिए तैयार किया जाएगा। इससे न केवल मछली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
छात्रों और शिक्षा के लिए बजट 2026: नई लैब और हॉस्टल, तैयारी डिजिटल युग की
युवाओं और छात्रों के लिए इस बजट का फोकस ‘स्किल डेवलपमेंट’ और ‘टेक-इन्टीग्रेटेड एजुकेशन’ पर है। बजट 2026 फॉर स्टूडेंट्स एंड एजुकेशन के तहत कई युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने वाले फैसले लिए गए हैं।
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15,000 नई एडवांस्ड लैब्स: सबसे चर्चित घोषणा यह है कि देश भर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में हाई-टेक लैब स्थापित की जाएंगी। इनमें विशेष तौर पर एनिमेशन, गेमिंग (AVGC), और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी लैब होंगी। इसका मकसद बच्चों को बचपन से ही तकनीक के साथ जोड़ना और नए जमाने के स्किल सिखाना है।
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हर जिले में आधुनिक गर्ल्स हॉस्टल: लड़कियों की उच्च शिक्षा तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए देश के हर जिले में कम से कम एक आधुनिक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे दूरदराज के इलाकों की छात्राओं को भी बेहतर शिक्षा के लिए शहर आने में आसानी होगी।
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यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स: उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई पाटने के लिए, प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास 5 नई ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ विकसित की जाएंगी। यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च और इंडस्ट्री एक्सपोजर भी मिलेगा।
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टूरिस्ट गाइड के रूप में करियर: पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार देने के लिए, आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की मदद से 10,000 युवाओं को प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड के रूप में ट्रेनिंग दी जाएगी। यह सांस्कृतिक विरासत को संजोने और रोजगार पैदा करने का अच्छा मिश्रण है।
महिलाओं और MSME के लिए विशेष पहल
बजट में महिलाओं और छोटे व्यवसायियों को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
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SHE-मार्ट्स: महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा बनाए गए उत्पादों को बेचने के लिए विशेष ‘शे-मार्ट्स’ (स्वयं सहायता उद्यमी मार्ट) की स्थापना की जाएगी। यह डिजिटल और फिजिकल दोनों प्लेटफॉर्म पर होंगे, जिससे महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार मिल सकेगा।
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कॉरपोरेट मित्र योजना: छोटे और मझोले उद्यमियों (MSME) की मदद के लिए यह नई स्कीम लाई गई है। इसके तहट, बड़ी कंपनियों (कॉरपोरेट्स) को ‘मित्र’ बनाकर MSME को तकनीक, मार्केटिंग और मैनेजमेंट में मदद दी जाएगी। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को भी बल मिलेगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना बजट 2026 अपडेट
पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को इस बजट में और मजबूत किया गया है। इस योजना के बजट आवंटन में पिछले साल के मुकाबले 25% की बढ़ोतरी की गई है। इस राशि का इस्तेमाल कारीगरों को आधुनिक टूल-किट मुहैया कराने और उन्हें डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने के लिए किया जाएगा। यह स्किल डेवलपमेंट की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारे पिछले लेख ‘फ्री सिलाई मशीन योजना’ में आप ऐसी ही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।
बजट आवंटन का तुलनात्मक विश्लेषण (पिछले वर्ष से तुलना)
यह समझना जरूरी है कि इस बार शिक्षा और कृषि पर कितना ज्यादा खर्च करने का प्रस्ताव है। नीचे दी गई तालिका इस पर स्पष्ट प्रकाश डालती है।
विभाग / मंत्रालय |
बजट आवंटन 2025-26 (अनुमानित) |
बजट आवंटन 2026-27 (प्रस्तावित) |
वृद्धि (लगभग) |
|---|---|---|---|
कृषि एवं किसान कल्याण |
1,25,000 करोड़ रु. |
1,45,000 करोड़ रु. |
16% |
स्कूली शिक्षा |
68,000 करोड़ रु. |
80,000 करोड़ रु. |
17.6% |
उच्च शिक्षा |
47,000 करोड़ रु. |
57,000 करोड़ रु. |
21.3% |
स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप |
3,500 करोड़ रु. |
4,500 करोड़ रु. |
28.6% |









