भारत में टैक्सी और कैब सेवा पिछले कुछ वर्षों में आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है। शहरों से लेकर कस्बों तक लोग ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों पर निर्भर हो गए हैं। लेकिन इन सुविधाओं के पीछे टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों की सच्चाई कुछ और ही है। दिन-रात मेहनत करने के बावजूद उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में कंपनियों के पास चला जाता है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए अब भारत सरकार एक नई और क्रांतिकारी पहल लेकर आई है, जिसका नाम है ‘भारत टैक्सी’।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के पंचकूला में आयोजित एक सहकारी सम्मेलन में इस योजना की घोषणा करते हुए साफ कहा कि अब टैक्सी चलाने वाले ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं रहेंगे, बल्कि इस सिस्टम के मालिक होंगे। उनका कहना था कि मौजूदा कैब कंपनियों में मुनाफा कंपनी के पास जाता है, जबकि भारत टैक्सी में हर एक पैसा ड्राइवर की जेब में जाएगा। यह बयान अपने आप में देश के परिवहन क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।










