UPI Charges After Bill Passed: भारत में UPI इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए पिछले कुछ दिनों से एक सवाल लगातार चर्चा में है—क्या अब UPI से पैसे भेजने पर चार्ज देना पड़ेगा? अगर हां, तो कितना चार्ज लगेगा? क्या ₹2,000 से ज्यादा का UPI Payment करने पर पैसे कटेंगे? क्या Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप से payment करना महंगा हो जाएगा?
इन सवालों की वजह Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 है। संसद से यह बिल पास हो चुका है और इसके बाद UPI तथा RuPay Debit Card से जुड़े MDR यानी Merchant Discount Rate को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिल पास होने के बाद भी आम UPI users के लिए कोई नया transaction charge तुरंत लागू नहीं हुआ है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में साफ किया है कि UPI users से कोई charge लेने का फैसला नहीं किया गया है। सरकार के मुताबिक बिल में किया गया बदलाव केवल एक enabling provision है, यानी इससे भविष्य में कुछ परिस्थितियों में payment system providers को शुल्क लेने की व्यवस्था बनाने का रास्ता खुलता है। अभी कोई अंतिम MDR framework तय नहीं हुआ है।
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तो फिर 0.25% से 0.40% UPI charge की बात कहां से आई? क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI Payment पर सच में पैसे लगेंगे? और अगर MDR लागू हुआ तो ₹5,000, ₹10,000 या ₹1 लाख के payment पर कितनी रकम बन सकती है?
आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
सबसे पहले जानिए—बिल पास होने के बाद UPI में क्या बदला?
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार ने UPI और कुछ digital payment transactions पर शुल्क की संभावित व्यवस्था के लिए कानूनी रास्ता खोल दिया है।
पहले UPI पर Zero MDR व्यवस्था थी। इसका मतलब था कि सामान्य bank-account based UPI merchant payments पर merchant से MDR नहीं लिया जाता था। सरकार ने digital payments को बढ़ावा देने के लिए इस व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखा।
अब Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 के जरिए संबंधित कानूनी प्रावधान में बदलाव किया गया है। इससे आगे चलकर सरकार या संबंधित payment ecosystem को कुछ परिस्थितियों में charge framework बनाने की अनुमति मिल सकती है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बिल पास होते ही हर UPI Payment पर 0.25% या 0.40% charge लग गया।
यही बात सबसे ज्यादा समझने की जरूरत है।
रिपोर्टों के मुताबिक संसद में सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि आम users पर UPI transaction charge लगाने की योजना नहीं है। छोटे merchants को भी राहत देने की बात कही गई है।
क्या UPI से पैसे भेजने पर अब चार्ज लगेगा?
अगर आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को UPI से पैसे भेजते हैं, तो इस पर अभी कोई नया charge घोषित नहीं किया गया है। इसे उदाहरण से समझिए। मान लीजिए आपने अपने भाई को:
- ₹500 भेजे
- ₹2,000 भेजे
- ₹5,000 भेजे
- ₹10,000 भेजे
इनमें केवल रकम बड़ी होने के कारण आपके UPI account से कोई नया fixed charge काटने की घोषणा नहीं हुई है।
सरकार की मौजूदा स्थिति के अनुसार Person-to-Person यानी P2P UPI payment को consumer charge के दायरे में लाने की बात नहीं है। हालिया स्पष्टीकरण में भी कहा गया है कि UPI users के लिए payment free रहेगा।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों से सावधान रहें जिसमें कहा जा रहा है कि अब हर UPI payment पर 0.25% या 0.40% कटेगा।
फिर 0.25% से 0.40% चार्ज की बात क्यों हो रही है?
यहां MDR यानी Merchant Discount Rate समझना जरूरी है। MDR वह शुल्क है जो payment processing के बदले merchant side पर लगाया जाता है। यानी यह सीधे ग्राहक से UPI करने की फीस नहीं है।
हाल की रिपोर्टों में बड़े merchants के लिए ₹2,000 से ज्यादा के कुछ business UPI transactions पर 0.25% से 0.40% तक MDR की संभावना बताई गई है। लेकिन यह दर अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है।
यानी अगर कोई व्यापारी ₹10,000 का eligible UPI payment स्वीकार करता है और भविष्य में 0.40% MDR लागू होता है, तो गणना होगी:
₹10,000 × 0.40% = ₹40
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक के UPI account से सीधे ₹40 कट जाएंगे। यह merchant-side processing charge का उदाहरण है।
₹2,000 से ज्यादा UPI Payment पर क्या होगा?
यही वह हिस्सा है जिसे लेकर सबसे ज्यादा भ्रम है।
मौजूदा चर्चाओं के मुताबिक संभावित MDR का फोकस कुछ बड़े business/merchant transactions, खासकर ₹2,000 से ऊपर के payments पर हो सकता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि ₹2,000 कोई ऐसा threshold नहीं है जिसके ऊपर payment करते ही ग्राहक से automatic charge कटने लगे।
यानी अगर आपने किसी व्यक्ति को ₹3,000 भेजे, तो केवल ₹2,000 से ज्यादा होने की वजह से यह नहीं कहा जा सकता कि आपसे 0.25% या 0.40% charge कटेगा।
संभावित MDR मुख्य रूप से merchant-side commercial transactions से जुड़ा है। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि consumer और छोटे merchants को charge से बचाने की कोशिश की जाएगी।
अगर 0.25% MDR लगा तो ₹2,000 से ₹1 लाख तक कितना पैसा बनेगा?
यहां एक आसान calculation समझना जरूरी है। मान लीजिए किसी eligible merchant transaction पर भविष्य में 0.25% MDR लगाया जाता है।
| UPI Payment | 0.25% MDR |
|---|---|
| ₹2,000 | ₹5 |
| ₹5,000 | ₹12.50 |
| ₹10,000 | ₹25 |
| ₹20,000 | ₹50 |
| ₹50,000 | ₹125 |
| ₹1,00,000 | ₹250 |
अब अगर यही hypothetical MDR 0.40% हो तो:
| UPI Payment | 0.40% MDR |
|---|---|
| ₹2,000 | ₹8 |
| ₹5,000 | ₹20 |
| ₹10,000 | ₹40 |
| ₹20,000 | ₹80 |
| ₹50,000 | ₹200 |
| ₹1,00,000 | ₹400 |
लेकिन फिर से ध्यान रखें—ये संभावित MDR की गणना है, वर्तमान में हर UPI transaction पर लागू सरकारी शुल्क की सूची नहीं।
क्या ₹2,000 का UPI Payment करने पर ₹5 या ₹8 कटेंगे?
अभी ऐसा कहना गलत होगा। अगर भविष्य में किसी eligible merchant transaction के लिए 0.25% MDR तय किया जाता है तो ₹2,000 पर ₹5 का MDR बनता है। अगर 0.40% MDR तय होता है तो ₹2,000 पर ₹8 बनेंगे। लेकिन final rate, कौन-सा transaction eligible होगा, किस merchant category पर लागू होगा और यह charge merchant से किस तरह लिया जाएगा—इन सबकी अंतिम व्यवस्था अभी स्पष्ट नहीं है।
इसलिए “₹2,000 UPI Payment पर ₹5 कटेगा” जैसी headline को final rule समझना सही नहीं है।
क्या Google Pay और PhonePe से UPI करना महंगा होगा?
अभी आम UPI user के लिए ऐसा कोई नया consumer charge घोषित नहीं किया गया है।
अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM या किसी अन्य UPI app के जरिए अपने bank account से सामान्य UPI payment करते हैं तो बिल पास होने मात्र से आपके payment पर कोई नया fixed charge लागू नहीं हो जाता। असल बदलाव merchant-side MDR framework से जुड़ा है।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है:
UPI App अलग चीज है और UPI payment का fee structure अलग चीज।
Payment app केवल interface हो सकता है, जबकि transaction के पीछे banks, NPCI और दूसरे payment ecosystem participants मिलकर काम करते हैं।
छोटे दुकानदारों को क्या राहत मिलेगी?
यह सवाल करोड़ों छोटे कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत में किराना दुकान, चाय की दुकान, मेडिकल स्टोर, फल-सब्जी विक्रेता और छोटे service providers तक UPI का इस्तेमाल करते हैं। अगर हर छोटी payment पर MDR लगाया जाए तो छोटे दुकानदारों की लागत बढ़ सकती है।
इसी वजह से सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि छोटे merchants और सामान्य users को UPI charge के बोझ से बचाने की कोशिश की जाएगी। हालिया रिपोर्टों में संभावित Framework को बड़े Merchants और चुनिंदा High-value business transactions तक सीमित रखने की बात सामने आई है। इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके मोहल्ले की छोटी दुकान पर ₹300 या ₹1,500 का UPI payment करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। हालांकि final rules आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
क्या UPI पर 0.40% तक चार्ज पक्का हो गया है?
नहीं।
यह बहुत जरूरी clarification है। 0.25% से 0.40% की दर को कई मीडिया रिपोर्टों में संभावित MDR के तौर पर बताया गया है। लेकिन संसद द्वारा बिल पास किए जाने से यह rate अपने आप लागू नहीं हो जाता। वित्त मंत्री ने संसद में कहा है कि अभी MDR का कोई final framework नहीं है और UPI users पर transaction charge लगाने का फैसला नहीं किया गया है।
इसलिए फिलहाल सही headline यह होगी:
“UPI पर संभावित MDR का रास्ता खुला, लेकिन चार्ज अभी लागू नहीं हुआ।”
यह “हर UPI Payment पर 0.40% charge लग गया” से बिल्कुल अलग बात है।
सरकार ने ऐसा बदलाव क्यों किया?
इसके पीछे UPI ecosystem की बढ़ती लागत एक बड़ी वजह है। आज UPI पर हर महीने अरबों transactions होते हैं। इन payments को चलाने के लिए banking infrastructure, servers, cybersecurity, fraud detection, customer support और payment processing systems की जरूरत होती है। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी हालिया चर्चा के दौरान यह सवाल उठाया कि UPI transactions की लागत आखिर किसी न किसी को वहन करनी होगी। यानी मुद्दा सिर्फ यह नहीं है कि UPI free रहे या chargeable हो।
बड़ा सवाल यह है कि:
UPI का infrastructure चलाने की लागत कौन उठाएगा?
अगर Merchant से MDR लिया जाता है तो Merchants और payment companies के बीच लागत बांटी जा सकती है। अगर merchant पर भी पूरा भार न डाला जाए तो सरकार Incentive के जरिए Ecosystem को Support कर सकती है।
यही वजह है कि अभी UPI के Future pricing model को लेकर चर्चा चल रही है।
क्या ग्राहक से MDR लिया जाएगा?
MDR की मूल अवधारणा Merchant-side charge की है।
इसलिए यदि किसी merchant transaction पर MDR लागू किया जाता है तो इसका प्राथमिक असर merchant settlement पर पड़ सकता है। उदाहरण के लिए मान लीजिए कोई बड़ा merchant ₹10,000 का eligible UPI payment स्वीकार करता है और MDR 0.40% है।
तब MDR:
₹10,000 × 0.40% = ₹40
होगा।
लेकिन merchant इस लागत को खुद वहन करता है या अपने business pricing में किसी तरह adjust करता है, यह अलग सवाल है। यही कारण है कि MDR और customer convenience fee को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए।
क्या दुकानदार ग्राहक से अलग से UPI charge मांग सकता है?
यह भी final rules पर निर्भर करेगा।
अगर किसी merchant पर MDR लागू होता है तो इसका मतलब अपने आप यह नहीं है कि वह ग्राहक से मनमाना UPI charge वसूल सकता है। Merchant और customer के बीच अलग से convenience fee, surcharge या payment-related charge लगाने के नियम अलग हो सकते हैं।
इसलिए अगर भविष्य में UPI charge framework आता है तो केवल “MDR कितना है” जानना काफी नहीं होगा। यह भी देखना होगा कि:
- charge किस पर लगेगा?
- किस transaction पर लगेगा?
- merchant category क्या होगी?
- customer से अलग fee लेने की अनुमति होगी या नहीं?
- छोटे merchants के लिए क्या exemption होगी?
- ₹2,000 की सीमा कैसे लागू होगी?
इन सवालों का जवाब final notification और rules से मिलेगा।
क्या ₹2,000 से कम UPI Payment पूरी तरह सुरक्षित रहेगा?
मौजूदा सरकारी policy और हालिया स्पष्टीकरण को देखें तो छोटे-value transactions को protect करने पर जोर है।
सरकार ने पहले भी small merchants के लिए ₹2,000 तक के UPI transactions पर zero MDR की व्यवस्था और incentive scheme लागू की थी। 2025 की सरकारी योजना में छोटे merchants के लिए ₹2,000 तक के UPI transactions पर zero MDR तथा 0.15% incentive का प्रावधान था, जबकि ₹2,000 से ऊपर भी उस योजना के तहत MDR zero रखा गया था, लेकिन incentive नहीं था।
इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार छोटे और low-value digital payments को महंगा बनाने के बजाय UPI adoption को बढ़ावा देने में रुचि रखती रही है।
क्या UPI की पुरानी Zero MDR व्यवस्था खत्म हो गई?
बिल पास होने के बाद सबसे बड़ा कानूनी बदलाव यही है कि पुराने zero-MDR framework में बदलाव करने का रास्ता खुला है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि अगले दिन से हर UPI transaction पर MDR लागू हो गया।
यानी तीन अलग-अलग बातें हैं:
- संसद ने बिल पास किया।
- इससे सरकार के लिए आगे fee framework बनाने का रास्ता खुला।
- actual MDR rate और उसकी applicability अभी final rules से तय होनी है।
इन तीनों को एक ही बात समझने की वजह से सोशल मीडिया पर UPI charge को लेकर भ्रम फैल रहा है।
अगर 0.25% MDR लागू हुआ तो बड़े पेमेंट पर कितना असर होगा?
मान लीजिए किसी बड़ी company को ₹10 करोड़ के eligible UPI transactions हर महीने मिलते हैं।
अगर MDR 0.25% है तो:
₹10 करोड़ × 0.25% = ₹2.50 लाख
और 0.40% की दर पर:
₹10 करोड़ × 0.40% = ₹4 लाख
यानी बड़ी companies के लिए छोटी percentage भी बड़ी रकम बन सकती है। इसीलिए proposed MDR को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा बड़े merchants और high-value transactions को लेकर है। वहीं आम व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले छोटे UPI payments पर इसका सीधा असर नहीं पड़ने की बात सरकार ने कही है।
UPI Charge से आम लोगों को कब से असर पड़ेगा?
फिलहाल कोई ऐसी तारीख घोषित नहीं हुई है कि अमुक तारीख से हर UPI Payment पर charge लगेगा।
बिल पास होना एक legislative step है। इसके बाद rules, framework और implementation की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इसलिए अगर कोई पोस्ट कहती है: “1 सितंबर से हर UPI Payment पर 0.40% कटेगा” या “अब ₹2,000 से ऊपर UPI करने पर customer से charge लिया जाएगा”
तो ऐसी जानकारी को official notification के बिना सच नहीं मानना चाहिए।
UPI users को अभी क्या करना चाहिए?
आम UPI user को फिलहाल किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। आप पहले की तरह UPI का इस्तेमाल कर सकते हैं।बस यह ध्यान रखें कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर “UPI Charge” खबर को official notification समझकर आगे न बढ़ाएं। खास तौर पर इन तीन बातों को याद रखें:
1. बिल पास हो गया है।
2. इससे UPI पर संभावित MDR लगाने का कानूनी रास्ता खुला है।
3. लेकिन आम users के लिए कोई नया UPI transaction charge अभी तय नहीं हुआ है।
UPI Charges After Bill Passed: पूरी बात एक नजर में
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| क्या UPI Bill पास हो गया? | हां, संसद ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी दी है। |
| क्या हर UPI Payment पर चार्ज लग गया? | नहीं। |
| क्या ग्राहक से 0.40% charge तय है? | नहीं। |
| 0.25%-0.40% क्या है? | संभावित MDR की रिपोर्ट की गई range है, final rate नहीं। |
| क्या ₹2,000 से ज्यादा payment पर customer से charge कटेगा? | अभी ऐसा कोई universal customer charge लागू नहीं हुआ है। |
| P2P UPI payment का क्या होगा? | सरकार के अनुसार users के लिए free रहेगा। |
| छोटे merchants पर क्या असर होगा? | सरकार ने छोटे merchants को charge से बचाने की बात कही है। |
| MDR किससे जुड़ा है? | मुख्य रूप से merchant-side payment processing charge से। |
| Final charge कब पता चलेगा? | जब सरकार/संबंधित authority final framework और rules जारी करेगी। |
निष्कर्ष: UPI बंद करने या डरने की जरूरत नहीं
UPI Charges After Bill Passed को लेकर सबसे जरूरी बात यही है कि संसद से बिल पास होने के बाद भी आम लोगों के लिए UPI payment chargeable नहीं हो गया है।
बिल ने सरकार को भविष्य में कुछ digital payment transactions पर MDR की व्यवस्था बनाने का रास्ता दिया है। मीडिया रिपोर्टों में बड़े merchants के ₹2,000 से ज्यादा के कुछ transactions पर 0.25% से 0.40% तक MDR की संभावना बताई जा रही है, लेकिन यह अभी final universal rate नहीं है।
अगर भविष्य में 0.25% MDR लागू होता है तो ₹10,000 के eligible merchant transaction पर ₹25 और 0.40% पर ₹40 की गणना होगी। लेकिन यह merchant-side charge का उदाहरण है, ग्राहक के UPI account से सीधे कटने वाली तय फीस नहीं। वित्त मंत्री की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि UPI users को charge करने का कोई final framework अभी मौजूद नहीं है।
इसलिए फिलहाल सबसे सही निष्कर्ष यही है:
UPI पर चार्ज लगाने का रास्ता खुला है, लेकिन UPI पर चार्ज अभी लागू नहीं हुआ है।
आगे जब सरकार final MDR rate, merchant category, ₹2,000 threshold और implementation rules स्पष्ट करेगी, तभी यह पता चलेगा कि किन transactions पर वास्तव में कितना शुल्क लगेगा और उसका बोझ merchant पर रहेगा या payment ecosystem के किसी दूसरे हिस्से पर जाएगा।
तब तक ₹500, ₹1,000 या ₹2,000 का सामान्य UPI payment करने वाले लोगों को किसी नए 0.25% या 0.40% charge की चिंता करने की जरूरत नहीं है।








