
आज हम बात करेंगे उन्हीं सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में कुछ मशहूर भारतीय गेंदबाज भी शामिल हैं, जिन्होंने भारत के लिए जीत के कई मुकाम हासिल किए, लेकिन बल्लेबाजी में उनका स्कोर अक्सर ‘0’ ही रहा।
डक का मतलब और इसकी अहमियत
क्रिकेट की भाषा में जब एक बल्लेबाज बिना कोई रन बनाए आउट हो जाता है, तो उसे ‘डक’ कहा जाता है। इस शब्द की उत्पत्ति के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। माना जाता है कि पहले स्कोरबोर्ड पर ‘0’ लिखने पर वह एक बत्तख (Duck) के अंडे जैसा दिखता था, इसीलिए इसे ‘डक’ कहा जाने लगा। एक बल्लेबाज के लिए डक पर आउट होना काफी निराशाजनक होता है, लेकिन जब बात सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की आती है, तो पता चलता है कि यह आमतौर पर टीम के वफादार गेंदबाज ही हैं। फिर भी, लगातार डक पर आउट होना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक अजीबोगरीब रिकॉर्ड बन सकता है।
भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने बनाया यह ‘कीर्तिमान’
भारत ने दुनिया को कई महान बल्लेबाज दिए हैं, लेकिन कुछ ऐसे गेंदबाज भी रहे हैं जिनकी बल्लेबाजी की चर्चा अक्सर मजाक के तौर पर होती थी। आइए नजर डालते हैं उन तीन भारतीय गेंदबाजों पर, जो इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में टॉप पर हैं।
1. जहीर खान: 43 बार डक का ‘राजा’
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जहीर खान को एक दमदार फास्ट बॉलर और टीम के विश्वसनीय खिलाड़ी के तौर पर याद किया जाता है। 2000 से 2014 तक उन्होंने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 T20 मैच खेले। उनकी स्विंग गेंदबाजी ने विदेशी पिचों पर भी भारत को कई यादगार जीत दिलाई।
लेकिन बल्लेबाजी के मामले में जहीर खान का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने अपने पूरे इंटरनेशनल करियर में 43 बार डक पर आउट होने का ‘रिकॉर्ड’ बनाया, जिसके चलते वह भारत के सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ी बन गए। जहीर एक टेलेंडर बल्लेबाज थे और अक्सर नंबर 10 या 11 पर बल्लेबाजी करते थे। ऐसे में तेज गेंदबाजों के सामने उनका शून्य पर आउट होना कोई बहुत बड़ी हैरानी की बात नहीं थी। फिर भी, 43 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटना एक अलग ही तरह का स्टैटिस्टिक्स है।
2. इशांत शर्मा: 40 बार ‘शून्य’ के साथ
लंबे छह फीट के फास्ट बॉलर इशांत शर्मा ने अपनी तेज गेंदबाजी और अक्सर चर्चा में रहने वाले अंदाज से भारतीय क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने 105 टेस्ट, 80 वनडे और 14 T20 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

जहां एक तरफ उनकी गेंदबाजी ने दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों को परेशान किया, वहीं दूसरी तरफ उनकी बल्लेबाजी ने उन्हें एक और मकाम पर पहुंचा दिया। इशांत ने अपने करियर में 40 बार डक झेला, जिससे वह इस मामले में जहीर खान के बिल्कुल करीब पहुंच गए। उनकी बल्लेबाजी में कभी-कभार चमकती हुई कुछ चौकियां देखने को मिल जाती थीं, लेकिन ज्यादातर मौकों पर वह बिना रन बनाए आउट हो जाते थे, जो उन्हें सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे नंबर पर ले आया।
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3. हरभजन सिंह: 37 बार डक का शिकार
भारतीय क्रिकेट के स्पिन विजार्ड हरभजन सिंह, जिन्हें ‘तूफान’ के नाम से जाना जाता है, ने 103 टेस्ट, 236 वनडे और 28 T20 मैच खेलकर देश का नाम रोशन किया। उनके 400 से ज्यादा टेस्ट विकेट उनकी सफलता की कहानी कहते हैं।
हरभजन को जहीर और इशांत के मुकाबले बल्लेबाजी में थोड़ा बेहतर माना जाता था। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो अर्धशतक भी लगाए हैं। लेकिन फिर भी, अनियमित बल्लेबाजी के चलते वह 37 बार इंटरनेशनल मैचों में डक पर आउट हुए। यह आंकड़ा उन्हें भारत के सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों में तीसरे स्थान पर ला खड़ा करता है। यह दिखाता है कि एक गेंदबाज के तौर पर उनका करियर जितना शानदार रहा, बल्लेबाजी में उन्हें उतनी ही अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।
दुनिया भर के टॉप-5 डक लीडर
अब नजर डालते हैं उन ग्लोबल स्टार्स पर जिनके नाम यह रिकॉर्ड भारतीय खिलाड़ियों से भी आगे है। हैरानी की बात है कि सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ी ज्यादातर गेंदबाज ही हैं।
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मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका): 59 डक
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विश्व क्रिकेट के सबसे महान स्पिनरों में शुमार मुरलीधरन ने 800 से ज्यादा टेस्ट विकेट लिए, लेकिन बल्लेबाजी में वह 59 बार बिना रन बनाए आउट हुए। यह अब तक का सबसे ज्यादा डक का विश्व रिकॉर्ड है, जिसके साथ वह दुनिया के सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ी हैं।
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कर्टनी वॉल्श (वेस्ट इंडीज): 54 डक
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वेस्ट इंडीज के इस महान फास्ट बॉलर ने 54 बार डक का सामना किया। वॉल्श एक घातक गेंदबाज थे, लेकिन बल्लेबाजी उनके लिए एक मजबूरी थी, और यह आंकड़ा उन्हें इस मामले में दूसरे नंबर पर ले आता है।
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सनत जयसूर्या (श्रीलंका): 53 डक
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यह नाम थोड़ा चौंकाता है क्योंकि जयसूर्या एक ऑलराउंडर थे और उन्होंने कई धमाकेदार पारियां खेली हैं। लेकिन लंबे करियर और ऑल-अटैकिंग बल्लेबाजी की वजह से वह अक्सर रिस्क लेते थे, जिसके चलते उनके आउट होने के चांस भी ज्यादा थे। इसी वजह से वह 53 बार डक पर आउट हुए और सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर रहे।
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ग्लेन मैकग्रा (ऑस्ट्रेलिया): 49 डक
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ऑस्ट्रेलिया के लीजेंड फास्ट बॉलर मैकग्रा ने 49 बार डक झेला। उनकी बल्लेबाजी भी मजाक का विषय बनी रही, हालांकि उन्होंने एक बार टेस्ट क्रिकेट में अर्धशतक जरूर लगाया था। फिर भी, वह इस अनोखी सूची में शामिल हो गए।
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स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड): 47 डक
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इंग्लैंड के इस महान फास्ट बॉलर ने अपने लंबे करियर में 47 बार डक का सामना किया। ब्रॉड ने अपनी बल्लेबाजी की कमजोरी को स्वीकार भी किया था, लेकिन गेंदबाजी में वह हमेशा घातक साबित हुए। वह भी सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं।
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विश्लेषण: आखिर क्यों बनता है यह रिकॉर्ड?
सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की इस लिस्ट को देखकर एक बात साफ समझ आती है कि ज्यादातर डक का शिकार वही खिलाड़ी हुए हैं जो मुख्य रूप से गेंदबाज थे। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:
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बल्लेबाजी का कमजोर तकनीक: टेलेंडर बल्लेबाजों के पास बल्लेबाजी का बुनियादी तकनीक अक्सर कमजोर होता है। तेज गेंदबाजों की शॉर्ट पिच गेंदों या स्पिनरों की टर्निंग बॉल का सामना करना उनके लिए मुश्किल होता है।
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लंबा करियर: सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ी देखें तो पता चलता है कि उन सभी ने लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर जिया है। ज्यादा मैच खेलने का मतलब है बल्लेबाजी के ज्यादा मौके, और इस तरह डक के आंकड़े में बढ़ोतरी का ज्यादा चांस।
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आक्रामक रवैया: कई बार ये निचले क्रम के बल्लेबाज जल्दी रन बनाने के चक्कर में आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश करते हैं और आउट हो जाते हैं।
निष्कर्ष: रिकॉर्ड तो रिकॉर्ड होता है!
आखिर में, यह कहा जा सकता है कि सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड भले ही किसी खिलाड़ी के लिए गर्व का विषय न हो, लेकिन यह उनके लंबे और सफल करियर का एक हिस्सा है। जहीर खान, इशांत शर्मा और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ियों ने भारत के लिए जितने महत्वपूर्ण मैच जिताए, उनके सामने यह छोटी-सी बात फीकी पड़ जाती है।
क्रिकेट एक टीम का खेल है और हर खिलाड़ी की अपनी एक विशेष भूमिका होती है। इन गेंदबाजों की भूमिका विकेट लेना था, रन बनाना नहीं। इसलिए, भले ही उनके नाम सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड क्यों न हो, भारतीय क्रिकेट प्रेमी हमेशा उनकी गेंदबाजी की उपलब्धियों को याद रखेंगे और उनके योगदान को सलाम करेंगे। ये रिकॉर्ड सिर्फ क्रिकेट के हास्य और आंकड़ों के एक अलग पहलू को दिखाते हैं, जहां हीरो भी कभी-कभी जीरो बन जाते हैं।









