भारतीय क्रिकेटर्स की सैलरी 2025: क्रिकेट भारत में सिर्फ एक खेल नहीं, एक जुनून है। और आज के दौर में, यह जुनून करोड़ों रुपये का बिजनेस भी बन चुका है। जब भारतीय क्रिकेट टीम का कोई स्टार खिलाड़ी सिक्सर मारता है या विश्व कप जीतता है, तो पूरा देश झूम उठता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन खिलाड़ियों को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए कितनी सैलरी मिलती है? आखिर BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है, तो क्या वह अपने खिलाड़ियों को भी मोटी रकम देता है?

जी हाँ, भारतीय क्रिकेटरों की आय उनके सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के ग्रेड और मैच फीस पर निर्भर करती है। चलिए, आपको विस्तार से समझाते हैं कि एक भारतीय क्रिकेटर की सैलरी का गणित कैसे काम करता है।
आय का मुख्य स्तंभ: BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट
BCCI हर साल अपने शीर्ष खिलाड़ियों के साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट साइन करता है। यह कॉन्ट्रैक्ट उनकी वार्षिक आय की बुनियाद होता है। इसे मुख्य रूप से चार ग्रेड में बाँटा गया है – A+, A, B और C। जितना ऊँचा ग्रेड, उतनी ही ज्यादा सैलरी।
- ग्रेड A+: इस ग्रेड के खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं। यह टीम का दिल और दिमाग माने जाने वाले खिलाड़ी होते हैं, जो सभी फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, T20) में टीम की रीढ़ होते हैं।
- ग्रेड A: इस श्रेणी के खिलाड़ियों को सालाना 5 करोड़ रुपये की सैलरी मिलती है। ये वे अनुभवी और महत्वपूर्ण खिलाड़ी होते हैं जिन पर टीम की सफलता काफी हद तक निर्भर करती है।
- ग्रेड B: इस ग्रेड में आने वाले खिलाड़ी सालाना 3 करोड़ रुपये कमाते हैं। इनमें टीम के नियमित सदस्य शामिल होते हैं जो अपनी जगह मजबूत कर रहे होते हैं।
- ग्रेड C: यह एंट्री-लेवल का ग्रेड है, जहाँ खिलाड़ियों को सालाना 1 करोड़ रुपये मिलते हैं। नए खिलाड़ी या वे जो टीम में कभी-कभार ही खेलते हैं, इस ग्रेड में शामिल किए जाते हैं।
2024-25 के लिए ग्रेड A+ के कुछ प्रमुख खिलाड़ी हैं: विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, और रविंद्र जडेजा।
आय का दूसरा महत्वपूर्ण स्रोत: मैच फीस (Match Fees)
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सैलरी के अलावा, खिलाड़ियों को हर मैच के लिए अलग से फीस मिलती है। यह फीस इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस फॉर्मेट का मैच खेल रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसकी फीस सबसे ज्यादा है।
- टेस्ट मैच: प्रति मैच 15 लाख रुपये
- वनडे इंटरनेशनल (ODI): प्रति मैच 6 लाख रुपये
- T20 इंटरनेशनल: प्रति मैच 3 लाख रुपये
उदाहरण के तौर पर: मान लीजिए एक ग्रेड A के खिलाड़ी ने एक साल में 8 टेस्ट, 15 वनडे और 10 T20 मैच खेले। तो उसकी कुल मैच फीस होगी:
(8 x 15 लाख)+ (15 x 6 लाख) + (10 x 3 लाख) = 1.2 करोड़ + 90 लाख + 30 लाख = 2.4 करोड़ रुपये।
इसके ऊपर, उसे सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के 5 करोड़ रुपये भी मिलेंगे। इस तरह सिर्फ BCCI से उसकी कुल आय 7.4 करोड़ रुपये के आसपास हो जाएगी।
आय का सबसे बड़ा चमकदार पहलू: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)
अगर BCCI की सैलरी और मैच फीस खिलाड़ी की आय की नींव है, तो IPL उसका स्वर्णिम शिखर है। IPL एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ खिलाड़ी सिर्फ दो महीने में करोड़ों रुपये कमा लेते हैं। IPL की नीलामी में फ्रेंचाइजी टीमें खिलाड़ियों की बोली लगाती हैं और यह रकम उनकी सालाना आय का एक बहुत बड़ा हिस्सा होती है।
- विराट कोहली (RCB): कोहली RCB के साथ 17 करोड़ रुपये प्रति सीजन के अनुबंध पर हैं। हालाँकि, उन्होंने 2025 की नीलामी से पहले खुद को रिटेन करवाया है, इसलिए उनका वेतन समान रहेगा।
- रुतुराज गायकवाड़ (CSK): CSK के कप्तान रुतुराज 6 करोड़ रुपये सालाना कमाते हैं।
- मिशेल स्टार्क (KKR): ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्टार्क जैसे विदेशी खिलाड़ी भी IPL से करोड़ों कमाते हैं। स्टार्क को KKR ने 24.75 करोड़ रुपये में खरीदा था।
IPL सिर्फ पैसा ही नहीं देता, बल्कि यह खिलाड़ियों के लिए एक विशाल प्लेटफॉर्म भी है, जहाँ से उन्हें ब्रांड एंडोर्समेंट के ढेरों ऑफर मिलते हैं।
आय का चौथा आयाम: ब्रांड एंडोर्समेंट और स्पॉन्सरशिप
एक टॉप-लेवल के भारतीय क्रिकेटर की आय का सबसे मोटा हिस्सा अक्सर ब्रांड्स के साथ किए गए विज्ञापनों और स्पॉन्सरशिप डील से आता है। एक सफल खिलाड़ी की पहचान और लोकप्रियता उसे ब्रांड्स के लिए एक आदर्श ब्रांड एंबेसडर बना देती है।
विराट कोहली: भारत के सबसे अमीर क्रिकेटर का राज
विराट कोहली न सिर्फ भारत के, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों में से एक हैं। उनकी आय का ब्रेकडाउन कुछ इस तरह है:
1. BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: ग्रेड A+ में होने के कारण 7 करोड़ रुपये सालाना।
2. मैच फीस: साल भर में खेले गए सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों की फीस से लगभग 5-7 करोड़ रुपये।
3. IPL वेतन: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) से 17 करोड़ रुपये प्रति सीजन।
4. ब्रांड एंडोर्समेंट: यही उनकी आय का सबसे बड़ा स्रोत है। कोहली 30 से भी ज्यादा बड़े ब्रांड्स जैसे Puma, MRF, Audi, Manyavar, TAG Heuer आदि के साथ जुड़े हुए हैं। माना जाता है कि सिर्फ एंडोर्समेंट से वह सालाना 150-200 करोड़ रुपये से भी अधिक कमाते हैं।
इन सभी स्रोतों को मिलाकर, विराट कोहली की कुल सालाना आय 200 करोड़ रुपये के पार पहुँच जाती है, जिससे वह लगातार ‘भारत के सबसे अधिक कमाई करने वाले क्रिकेटर’ के खिताब पर काबिज रहते हैं।
अन्य शीर्ष कमाई करने वाले खिलाड़ी
विराट कोहली के अलावा, भारत के कई अन्य खिलाड़ी भी करोड़ों की कमाई करते हैं:
· रोहित शर्मा: BCCI ग्रेड A+ (7 करोड़) और MI में कप्तानी के लिए 16 करोड़ की IPL सैलरी के साथ-साथ कई ब्रांड एंडोर्समेंट।
· जसप्रीत बुमराह: ग्रेड A+ (7 करोड़) और MI से 12 करोड़ की IPL सैलरी। वह दुनिया के टॉप गेंदबाजों में शुमार हैं।
· रविंद्र जडेजा: ग्रेड A+ (7 करोड़) और CSK से 16 करोड़ की IPL सैलरी।
· रुतुराज गायकवाड़: युवा सनसनी रुतुराज न सिर्फ BCCI ग्रेड C (1 करोड़) और CSK से मिलने वाले 6 करोड़ से कमाते हैं, बल्कि अब वह ब्रांड्स की पहली पसंद भी बन चुके हैं।

क्या घरेलू क्रिकेटर भी अच्छा कमाते हैं?
BCCI ने घरेलू भारतीय क्रिकेटर्स की सैलरी में भी काफी सुधार किया है। एक घरेलू क्रिकेटर को रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में खेलने के लिए प्रति मैच 1.40 लाख रुपये तक मिलते हैं। इसके अलावा, उन्हें मैच दिवसों के हिसाब से वजीफा (Match Fee) भी मिलता है। जबकि यह रकम अंतरराष्ट्रीय सितारों जितनी नहीं है, फिर भी आज एक प्रतिबद्ध घरेलू क्रिकेटर पेशेवर तरीके से क्रिकेट खेलकर अपनी आजीविका चला सकता है।
निष्कर्ष: क्रिकेट अब सिर्फ पैशन नहीं, एक प्रोफेशन
आज का दौर भारतीय क्रिकेट के लिए स्वर्णिम है। BCCI की पारदर्शी सैलरी स्ट्रक्चर, लुभावनी IPL की कीमतें और ब्रांड्स की बढ़ती दिलचस्पी ने क्रिकेट को एक स्थिर और आकर्षक करियर विकल्प बना दिया है। हालाँकि, यह सब उस अथक मेहनत, अनुशासन और त्याग का ही नतीजा है जो ये खिलाड़ी मैदान पर दिखाते हैं। तो अगली बार जब आप अपने पसंदीदा खिलाड़ी को मैदान पर शॉट लगाते देखें, तो याद रखें कि उस शॉट के पीछे सालों की मेहनत और एक ऐसी वित्तीय संरचना है जो उनकी कड़ी मेहनत का सम्मान करती है।









