पीएम विश्वकर्मा योजना से पाएं 15 हजार से 3 लाख रुपये तक का लाभ – आवेदन से लेकर लोन तक की पूरी जानकारी

PM Vishwakarma Scheme 2026:भारत की समृद्ध शिल्प और कारीगरी परंपरा को पहचान देने और उसे मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की है। यह योजना देश के करोड़ों पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक कल्याणकारी कदम है, जो उन्हें आधुनिक समय की चुनौतियों से लड़ने और अपने कौशल को नए बाजार से जोड़ने में मदद करती है। यहाँ आपको इस योजना से जुड़ी हर जानकारी, जैसे पीएम विश्वकर्मा योजना ऑनलाइन अप्लाई प्रक्रिया, पीएम विश्वकर्मा योजना स्टेटस चेक का तरीका, और पंजीकरण से लेकर लाभ प्राप्ति तक का पूरा मार्गदर्शन मिलेगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना से पाएं 15 हजार से 3 लाख रुपये तक का लाभ
पीएम विश्वकर्मा योजना से पाएं 15 हजार से 3 लाख रुपये तक का लाभ

पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है?

पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य पारंपरिक और कुटीर उद्योगों से जुड़े कारीगरों को सम्मान, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ना है। इस योजना के तहत उन कारीगरों को लाभ दिया जाता है जो हाथ और औजारों से काम करते हैं और जिनके कौशल पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते आ रहे हैं। 17 सितंबर, 2023 (विश्वकर्मा जयंती) को शुरू हुई इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक 13,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME), कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) और वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित की जा रही है।

योजना के प्रमुख लाभ (Key Benefits)

  1. मान्यता और पहचान: लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड दिया जाता है, जो उनके काम और पहचान को आधिकारिक मान्यता देता है।
  2. कौशल उन्नयन प्रशिक्षण: आधुनिक तकनीक और व्यवसाय प्रबंधन का बेसिक और एडवांस्ड प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन का स्टाइपेंड भी मिलता है।
  3. टूलकिट प्रोत्साहन: कारीगरों को 15,000 रुपये का ई-वाउचर दिया जाता है, ताकि वे अपने काम के लिए बेहतर और आधुनिक औजार खरीद सकें।
  4. सहज ऋण सुविधा: योजना के तहत कोलैटरल-फ्री लोन (बिना गारंटी के ऋण) की सुविधा है। पहली किस्त में 1 लाख रुपये और दूसरी किस्त में 2 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है। इस पर केवल 5% का ब्याज दर लागू होता है, जिसमें सरकार सब्सिडी देती है।
  5. डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन: व्यवसाय में डिजिटल भुगतान (यूपीआई, QR कोड) अपनाने पर प्रति लेनदेन 1 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है, जो अधिकतम 100 लेनदेन मासिक तक सीमित है।
  6. विपणन समर्थन: उत्पादों की गुणवत्ता प्रमाणीकरण, मेलों-प्रदर्शनियों में भागीदारी, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे GeM) पर ऑनबोर्डिंग जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
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पीएम विश्वकर्मा योजना से पाएं 15 हजार से 3 लाख रुपये तक का लाभ
पीएम विश्वकर्मा योजना से पाएं 15 हजार से 3 लाख रुपये तक का लाभ

पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)

  • कारीगर हाथ और औजारों से काम करने वाला होना चाहिए।
  • उसका परिवार 18 पारंपरिक व्यवसायों (जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, राजमिस्त्री, मोची, सुनार, नाई, धोबी, फूलवाला आदि) में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • वह असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार पर होना चाहिए।
  • पिछले 5 वर्षों में किसी अन्य केंद्रीय/राज्य सरकार की स्वरोजगार ऋण योजना का लाभ नहीं लिया हो।
  • एक परिवार से केवल एक सदस्य ही लाभ प्राप्त कर सकता है। परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
  • आवेदक या परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।

पीएम विश्वकर्मा योजना ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें? (PM Vishwakarma Yojana Online Apply Process)

पीएम विश्वकर्मा योजना ऑनलाइन अप्लाई 2026 की प्रक्रिया मुख्य रूप से कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से होती है। आप सीधे खुद ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन नहीं कर सकते। यहाँ चरण-दर-चरण प्रक्रिया दी गई है:
  1. नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाएं: सबसे पहले अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं। आप https://locator.csc.gov.in/ पर अपने पिनकोड से नजदीकी सीएससी ढूंढ सकते हैं।
  2. दस्तावेज जमा करें: वहाँ आपको अपने आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, और अपने पारंपरिक व्यवसाय से संबंधित प्रमाण (यदि उपलब्ध हो) जमा करने होंगे।
  3. बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: सीएससी एजेंट आपके आधार कार्ड से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (फिंगरप्रिंट/आईरिस स्कैन) करेगा।
  4. पंजीकरण (PM Vishwakarma Yojana Registration): एजेंट सभी विवरण भरकर आपका पीएम विश्वकर्मा पोर्टल (https://pmvishwakarma.gov.in/) पर पंजीकरण कर देगा।
  5. पावती प्राप्त करें: पंजीकरण के बाद आपको एक पावती संख्या (अक्नॉलेजमेंट नंबर) मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें।
  6. प्रशिक्षण के लिए आमंत्रण: पंजीकरण और सत्यापन के बाद, आपको कौशल प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही आप ऋण और टूलकिट प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे।
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पीएम विश्वकर्मा योजना स्टेटस चेक ऑनलाइन कैसे करें? (PM Vishwakarma Yojana Status Check Online)

एक बार पीएम विश्वकर्मा योजना रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद, आप अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना स्टेटस चेक 2026 के लिए निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करें:
  1. आधिकारिक पोर्टल https://pmvishwakarma.gov.in/ पर जाएं।
  2. होमपेज पर “ट्रैक योर एप्लीकेशन” या “Know Your Application Status” का ऑप्शन दिखेगा। उस पर क्लिक करें।
  3. अब आपसे आपकी आवेदन संख्या (Application Number) या आधार नंबर डालने के लिए कहा जाएगा।
  4. संबंधित नंबर डालकर “सबमिट” या “ट्रैक” बटन पर क्लिक करें।
  5. अगली स्क्रीन पर आपकी पीएम विश्वकर्मा योजना स्टेटस दिखाई देगी। यह “पंजीकृत”, “सत्यापन जारी”, “प्रशिक्षण के लिए चयनित”, “प्रशिक्षण पूर्ण”, “ऋण स्वीकृत” या “लाभ प्रदत्त” जैसी कोई भी स्थिति हो सकती है।
ध्यान रखें, पीएम विश्वकर्मा लॉगिन सुविधा फिलहाल केवल प्रशासनिक अधिकारियों और सीएससी एजेंट्स के लिए है। सामान्य लाभार्थी स्टेटस चेक के लिए आवेदन या आधार नंबर का ही उपयोग कर सकते हैं।

योजना की प्रगति और प्रभाव (Scheme Progress & Impact)

योजना शुरू होने के दो वर्षों के भीतर ही इसमें लगभग 30 लाख कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 26 लाख से अधिक का कौशल सत्यापन पूरा हो चुका है और इनमें से 86% ने बेसिक प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया है। 23 लाख से अधिक ई-वाउचर जारी किए जा चुके हैं और 4.7 लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनका कुल मूल्य 41,188 करोड़ रुपये से अधिक है।
सबसे अधिक पंजीकरण वाले राज्यों में कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। सबसे लोकप्रिय पारंपरिक व्यवसायों में राजमिस्त्री (Mason), दर्जी (Tailor), फूलवाला (Garland Maker), बढ़ई (Carpenter) और मोची (Cobbler) शामिल हैं।

जमीनी स्तर पर बदलाव की कहानियाँ (Success Stories)

PM Vishwakarma Yojana ने देश भर के लाखों कारीगरों का जीवन बदल दिया है। अमरावती के प्रतीक राव जमादार जैसे राजमिस्त्री को 1 लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने नए औजार खरीदे और काम में दक्षता हासिल की। वाराणसी के बढ़ई अजय प्रकाश विश्वकर्मा को 5% ब्याज दर पर ऋण मिला, जिससे वह साहूकारों के चंगुल से मुक्त हुए। असम की रशीदा खातून (मैट बनाने का काम) और बिहार के सियाराम ठाकुर (नाई) जैसे लाभार्थियों ने प्रशिक्षण और ऋण के बल पर न सिर्फ अपना व्यवसाय बढ़ाया बल्कि अपने परिवार को एक बेहतर जीवन भी दिया।

पीएम विश्वकर्मा योजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यहाँ पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े कुछ ऐसे प्रमुख प्रश्न दिए गए हैं जो अक्सर गूगल पर पूछे जाते हैं, और उनके सरल उत्तर दिए गए हैं:
1. प्रश्न: पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
उत्तर: सीधे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते। आपको अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ पंजीकरण करवाना होगा। CSC एजेंट आपका आवेदन ऑफिशियल पोर्टल पर कर देगा।
2. प्रश्न: पीएम विश्वकर्मा योजना में कौन-कौन से ट्रेड शामिल हैं?
उत्तर: योजना में 18 पारंपरिक ट्रेड शामिल हैं, जैसे – दर्जी, बढ़ई, लोहार, कुम्हार, मोची, सुनार, राजमिस्त्री, नाई, धोबी, फूलवाला (गारलैंड मेकर), लॉकस्मिथ, गोल्डस्मिथ, मैट वीवर, बॉस्केट मेकर, डॉल एंड टॉय मेकर (पारंपरिक), बढ़ईगीरी, अर्मरर और नेट मेकर।
3. प्रश्न: आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (PM Vishwakarma Yojana Status Check)
उत्तर: आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएं और “ट्रैक योर एप्लीकेशन” सेक्शन में अपना आवेदन नंबर या आधार नंबर डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं।
4. प्रश्न: क्या प्रशिक्षण जरूरी है? इसके लिए पैसे मिलते हैं क्या?
उत्तर: हाँ, बेसिक ट्रेनिंग पूरी करना लोन और टूलकिट प्रोत्साहन पाने के लिए जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन का स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
5. प्रश्न: पीएम विश्वकर्मा लोन पर ब्याज दर कितनी है?
उत्तर: इस योजना के तहत मिलने वाले एंटरप्राइज डेवलपमेंट लोन पर सिर्फ 5% प्रतिवर्ष की साधारण ब्याज दर लागू होती है। बाकी ब्याज सरकार देती है।
6. प्रश्न: क्या एक परिवार में एक से ज्यादा लोग आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं। योजना का लाभ एक परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) से केवल एक ही सदस्य उठा सकता है।
7. प्रश्न: टूलकिट इंसेंटिव के 15,000 रुपये कैसे मिलते हैं?
उत्तर: बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लाभार्थी को 15,000 रुपये का ई-वाउचर दिया जाता है। इसकी मदद से वह अपने ट्रेड से जुड़े आधुनिक औजार सूचीबद्ध विक्रेताओं से खरीद सकता है।
8. प्रश्न: पीएम विश्वकर्मा योजना में लॉगिन (PM Vishwakarma Login) कैसे करें?
उत्तर: आम लाभार्थियों के लिए अलग से लॉगिन आईडी नहीं बनती। स्टेटस चेक करने के लिए आवेदन नंबर का उपयोग करना होता है। लॉगिन सुविधा मुख्यतः CSC एजेंट्स और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए है।
9. प्रश्न: लोन की दो किस्तें कब और कैसे मिलती हैं?
उत्तर: पहली किस्त (1 लाख रुपये) बेसिक ट्रेनिंग पूरा करने के बाद मिलती है। दूसरी किस्त (2 लाख रुपये) पहली किस्त का लोन लेने, अपना लोन अकाउंट सही रखने, डिजिटल लेन-देन अपनाने या एडवांस्ड ट्रेनिंग लेने के बाद मिल सकती है।
10. प्रश्न: योजना का लाभ लेने के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: मुख्य दस्तावेज हैं – आधार कार्डबैंक खाता का विवरण (IFSC कोड सहित), मोबाइल नंबर (आधार से लिंक) और पारंपरिक व्यवसाय का प्रमाण (स्थानीय प्राधिकरण या समुदाय से प्रमाण-पत्र, या पुराने औजारों की फोटो आदि)।

निष्कर्ष

पीएम विश्वकर्मा योजना सिर्फ एक आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि हमारे पारंपरिक कारीगरों को उनका गौरव और पहचान वापस दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। यह योजना उनके पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ती है और उन्हें एक सफल उद्यमी बनने का रास्ता दिखाती है। यदि आप या आपके जान-पहचान का कोई व्यक्ति ऐसे पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा है, तो नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए ऑनलाइन अप्लाई की प्रक्रिया शुरू करें और इसके लाभ प्राप्त करें। अपने आवेदन की प्रगति जानने के लिए नियमित रूप से पीएम विश्वकर्मा योजना स्टेटस चेक करते रहें।

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