नोबेल पुरस्कार 2025: मानवता का वह सर्वोच्च शिखर जिसने इतिहास बदल दिया!

Nobel Prize: हर साल अक्टूबर के महीने में, दुनिया भर की नजरें स्वीडन और नॉर्वे की ओर टिक जाती हैं। इस दौरान दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की जाती है। यह पुरस्कार न केवल एक पदक या एक मोटी रकम का चेक है, बल्कि मानव जाति की सेवा, ज्ञान की खोज और शांति की ललक का एक प्रतीक है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह पुरस्कार इतना खास क्यों है? आइए, इस लेख में इसी की पड़ताल करते हैं।

नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कार

 

नोबेल पुरस्कार का क्या मतलब होता है?

नोबेल पुरस्कार का मतलब है उन असाधारण लोगों या संस्थाओं को सम्मानित करना, जिन्होंने मानव जाति के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसकी स्थापना स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर 1901 में हुई थी। डायनामाइट के आविष्कारक नोबेल को बाद में एहसास हुआ कि उनके आविष्कार का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इस पछतावे ने उन्हें ऐसा पुरस्कार शुरू करने के लिए प्रेरित किया, जो मानवता के भले के लिए काम करने वालों को दिया जाए।

नोबेल पुरस्कार में क्या मिलता है?

जब कोई व्यक्ति नोबेल पुरस्कार जीतता है, तो उसे तीन चीजें मिलती हैं:

1. एक स्वर्ण पदक: इस पदक पर अल्फ्रेड नोबेल की तस्वीर बनी होती है और यह उपलब्धि का एक ठोस प्रतीक होता है।

2. एक डिप्लोमा: यह एक खूबसूरती से डिजाइन किया गया प्रमाण पत्र होता है, जिसमें विजेता का नाम और उनकी उपलब्धि लिखी होती है।

3. एक मौद्रिक पुरस्कार: वर्ष 2023 तक, यह राशि लगभग 11 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 8 करोड़ भारतीय रुपये) होती है। अगर पुरस्कार एक से अधिक लोगों को मिलता है, तो यह राशि आपस में बांटी जाती है। यह पूछा जाना स्वाभाविक है कि नोबेल पुरस्कार की कीमत कितनी है? यह राशि हर साल बदल सकती है, क्योंकि यह नोबेल फाउंडेशन के वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करती है।

दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार कौन सा है?

बिना किसी संदेह के, नोबेल पुरस्कार को दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। इसकी प्रतिष्ठा इसकी सख्त और गोपनीय चयन प्रक्रिया, इसके लंबे इतिहास और उन महान हस्तियों की वजह से है, जिन्होंने इसे जीता है। यह वह पुरस्कार है जो आइंस्टीन, मदर टेरेसा, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला जैसी विभूतियों के नाम के साथ जुड़ा है।

1 साल में कितने नोबेल पुरस्कार दिए जाते हैं?

हर साल, छह अलग-अलग क्षेत्रों में अधिकतम छह नोबेल पुरस्कार दिए जाते हैं: भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र। ध्यान रहे, अर्थशास्त्र का पुरस्कार मूल रूप से अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत का हिस्सा नहीं था, इसे बाद में स्वेरिजेस रिक्सबैंक ने शुरू किया था।

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भारत और नोबेल पुरस्कार

भारत के लिए, यह पुरस्कार गर्व का विषय रहा है। भारत में प्रथम पुरस्कार कौन सा था, यह सवाल थोड़ा गलतफहमी पैदा कर सकता है। अगर बात नोबेल की करें, तो भारत के लिए पहला नोबेल पुरस्कार 1913 में रबींद्रनाथ टैगोर को साहित्य के लिए मिला था। हालांकि, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न है। अब तक कुल कितने भारत रत्न हैं? अब तक 48 व्यक्तियों को यह सम्मान दिया जा चुका है, जिनमें पहले विजेता सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रमन थे।

नोबेल पुरस्कार भारत
नोबेल पुरस्कार भारत

 

कुछ रोचक तथ्य

  • नोबेल पुरस्कार में कितना सोना होता है? 1980 तक, नोबेल पदक 23 कैरेट सोने से बनते थे। लेकिन अब ये 24 कैरेट ग्रीन गोल्ड (एक विशेष मिश्र धातु) से बनाए जाते हैं, जिस पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ी होती है।
  •  सबसे अधिक उम्र में नोबेल पुरस्कार विजेता कौन है? यह रिकॉर्ड अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन बी. गुडइनफ के नाम है, जिन्होंने 2019 में रसायन विज्ञान का नोबेल 97 साल की उम्र में जीता था। यह साबित करता है कि उम्र सफलता की राह में रोड़ा नहीं है।
  • कम उम्र में नोबेल पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड मलाला यूसुफज़ई के नाम है।

2014 में, जब मलाला को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया, तब वह सिर्फ 17 साल की थीं। उन्होंने यह पुरस्कार भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ साझा किया था।

मलालासे पहले, सबसे कम उम्र में नोबेल जीतने का रिकॉर्ड सर विलियम लॉरेंस ब्रैग के नाम था। उन्होंने 1915 में अपने पिता, सर विलियम हेनरी ब्रैग के साथ भौतिकी का नोबेल पुरस्कार सिर्फ 25 साल की उम्र में जीता था। आज भी, वह भौतिकी का नोबेल जीतने वाले सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक हैं।

 

निष्कर्ष

नोबेल पुरस्कार की असली कीमत उसके पैसे या सोने के पदक में नहीं, बल्कि उस ‘फोकस’ और समर्पण में है, जिसके बल पर यह लोगों को मिलता है। यह पुरस्कार हमें याद दिलाता है कि एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत पूरी मानव जाति का जीवन बदल सकती है। यह मानव बुद्धि, करुणा और दृढ़ता का एक उत्सव है, जो हम सभी को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है।

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