उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2025: अनाथ बच्चों के लिए बड़ा सहारा

कोविड-19 महामारी ने पूरे देश में अनगिनत परिवारों को प्रभावित किया। इस दौरान कई बच्चों ने अपने माता-पिता या अभिभावक को खो दिया और वे अनाथ हो गए। ऐसे बच्चों के भविष्य और शिक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने “उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना” की शुरुआत की। यह योजना प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा 30 मई 2021 को लॉन्च की गई थी। इसका संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना

 

इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनाथ बच्चों को न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करना है बल्कि उन्हें शिक्षा, चिकित्सा, सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता उपलब्ध कराना भी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना क्या है, इसके लाभ, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया क्या है।

 

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत बच्चों को कई प्रकार की सुविधाएं और सहयोग दिया जाता है। इसमें शामिल हैं:

  • मासिक आर्थिक सहायता – 0 से 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को ₹4000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता।
  • शैक्षिक सुविधा – 11 से 18 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा।
  • विवाह सहायता – योजना के अंतर्गत पात्र बालिकाओं को विवाह योग्य होने पर ₹1,01,000 की आर्थिक मदद।
  • डिजिटल सुविधा – कक्षा 9 से ऊपर पढ़ने वाले या व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को लैपटॉप/टैबलेट और टेबल लैंप की सुविधा।
  • संपत्ति सुरक्षा – बच्चों की चल-अचल संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
  • आवास सुविधा – पूर्णत: अनाथ बच्चों को बाल देखभाल संस्थाओं में रहने की सुविधा।

 

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की पात्रता

योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा जो निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों:

1. आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

2. ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड-19 संक्रमण के कारण अपने दोनों माता-पिता को खो दिया हो।

3. जिन बच्चों के आय अर्जित करने वाले अभिभावक या कानूनी संरक्षक की मृत्यु कोविड-19 से हुई हो।

4. बच्चे की आयु 18 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए।

5. एक ही परिवार के सभी बच्चे (जैविक एवं कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चे) इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

 

आवश्यक दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें शामिल हैं:

  1. जन्म प्रमाण पत्र या आयु प्रमाण पत्र।
  2. निवास प्रमाण पत्र।
  3. माता-पिता या अभिभावक की कोविड-19 से मृत्यु का प्रमाण पत्र (2019 से अब तक की अवधि का)।
  4. आय प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)।
  5. शिक्षा संस्थान से पंजीकरण प्रमाण पत्र।
  6. बच्चे और अभिभावक की नई पासपोर्ट साइज फोटो।

 

आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया फिलहाल ऑफलाइन है। प्रक्रिया इस प्रकार है:

1. सबसे पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र प्राप्त करें।

2. आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।

3. सभी आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करें और स्व-प्रमाणित करें।

4. पूरा आवेदन पत्र निम्नलिखित कार्यालयों में जमा करें:

  • ग्राम पंचायत या ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय।
  • विकास खंड या लेखपाल अधिकारी कार्यालय।
  • तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय।

5. आवेदन जमा करने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाएगा।

6. सत्यापन पूर्ण होने के बाद योजना का लाभ आवेदक को प्रदान कर दिया जाएगा।

 

योजना की विशेषताएं

सरकार ने लाभार्थियों के लिए बचत खाता और रिकरिंग डिपॉजिट अकाउंट खुलवाने का निर्णय लिया है ताकि उनकी राशि सुरक्षित रहे।

  1. यह योजना बच्चों की शिक्षा से लेकर उनके विवाह तक का खर्च वहन करती है।
  2. अनाथ बच्चों को एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य देने का यह सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड-19 महामारी से प्रभावित बच्चों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है बल्कि बच्चों की पढ़ाई, आवास, सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं को भी कवर करती है। सरकार का यह कदम ऐसे अनाथ बच्चों के जीवन को संवारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद सराहनीय है।

यदि आप या आपके आसपास कोई बच्चा इस योजना की पात्रता पूरी करता है, तो अवश्य आवेदन कर लाभ उठाएं।

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